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Kaise Kare Vastu Dosh Door: बिना तोड़फोड़ के भी हो सकता है घर का वास्तु दोष दूर, बस कर लें ये आसान उपाय

Sat, 23 Nov 2024 06:01 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोई भी व्यक्ति जब अपने सपनों का घर बनाता है तो उसमें अपना सर्वस्व लगा देता है। हालांकि जाने-अनजाने में लिए गए कई फैसले घर में वास्तु दोष का कारण बनते हैं।  इन दोषों के कारण घर में सकारात्मक ऊर्जा की जगह नकारात्मक ऊर्जा का वास होने लगता है।
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वास्तु दोष निवारण के उपाय - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Vastu Dosh Nivaran Ke Upay: वास्तु दोष का अर्थ है रहने की जगह में ऊर्जा का असंतुलन। यह असंतुलन केवल कमरों, फर्नीचर या यहां तक कि रंगों के अनुचित स्थान के कारण होता है। ऐसा माना जाता है कि घर में वास्तु दोष होने से नकारात्मक भावनाएं पैदा होती हैं और व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में भी बाधा आती है। वास्तु दोष के मुख्य लक्षणों में बार-बार बहस, वित्तीय समस्याएं और नींद की समस्या शामिल हैं।

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कोई भी व्यक्ति जब अपने सपनों का घर बनाता है तो उसमें अपना सर्वस्व लगा देता है। हालांकि जाने-अनजाने में लिए गए कई फैसले घर में वास्तु दोष का कारण बनते हैं।  इन दोषों के कारण घर में सकारात्मक ऊर्जा की जगह नकारात्मक ऊर्जा का वास होने लगता है। इससे नुकसान भी होता है।  आइए जानते हैं बिना धन खर्च किए हुए और बिना घर में किसी तोड़ फोड़ के घर का वास्तु कैसे सुधर सकता है।

  • अगर घर में कोई वास्तु दोष है तो कलश को घर के उत्तर-पूर्व कोने में रखना ज्यादा फायदेमंद होता है। कृपया ध्यान दें किकलश कहीं से भी टूटा हुआ नहीं होना चाहिए। हिंदू मान्यता के अनुसार कलश को भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है।  गणेशजी को बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। घर में कलश स्थापित करने से सभी काम बिना किसी बाधा के पूरे होंगे।
  • घर के मुख्य द्वार पर सिन्दूर से नौ अंगुल लंबा और नौ अंगुल चौड़ा स्वस्तिक बनाएं। इससे हर तरफ से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है और वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। हर मंगलवार को यह उपाय करने से मंगल ग्रह से जुड़े नकारात्मक प्रभाव भी दूर हो जाएंगे।
  • घर की खुशहाली और समृद्धि के लिए रसोई को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। वास्तु के नियमों के अनुसार रसोईघर के लिए आग्नेय कोण यानि दक्षिण-पूर्व दिशा को सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है। यदि आपकी रसोई गलत स्थान पर है, तो  अग्निकोण में बल्ब लगा दें और और हर रोज ध्यान से उस बल्ब को जलाएं। इससे आपके घर का वास्तुदोष दूर हो जाएगा।
  • घर में घोड़े की नाल टांगना  बहुत शुभ माना जाता है। मुख्य द्वार पर काले घोड़े की नाल लगाने से सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। घोड़े की नाल अंग्रेजी अक्षर यू के आकार की होती है। याद रखें कि घोड़े की नाल अपने आप गिरी होगी या आपके सामने घोड़े के खुर से निकली होगी।
  • घर के ईशान कोण में कभी भी कूड़ा जमा न होने दें और वहां भारी उपकरण न रखें। इससे आपके घर में वास्तु संबंधी कमियां होने लगती हैं। अपने वंश को बढ़ाने के लिए आपको मुख्य द्वार के दोनों ओर अशोक के पेड़ भी लगाने चाहिए। इससे आपके घर का वास्तु दोष दूर हो जाएगा और घर में कभी भी नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करेगी। 
  • ऐसा माना जाता है कि घर में शौचालय बनाने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त दिशा है। हालांकि, यदि आपको घर के पूर्व में शौचालय बनाना है और कोई अन्य विकल्प नहीं है, तो आपको शौचालय की सीट इस तरह लगानी चाहिए कि उसका मुख पश्चिम या दक्षिण की ओर हो। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा की जगह सकारात्मक ऊर्जा आ जाएगी और सभी काम शुरू हो सकेंगे।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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