यहां शुभ रहेगा मेहमानों का कमरा -
अलग-अलग दिशाओं में बना मेहमानों का कमरा आपके जीवन एवं संबंधों को अलग-अलग प्रकार से प्रभावित करता है। पूर्व दिशा में बना अतिथियों का कमरा,अतिथियों के साथ आपके अच्छे संबंधों और सहयोग को बढ़ाता है।वहीं अतिथि कक्ष के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा आदर्श स्थान है यह कोना निरन्तर चलायमान एवं गति को प्रदर्शित करता है क्योंकि इस दिशा के अधिपति वायु देव है जिनकी प्रकृति निरन्तर चलायमान है अतः मेहमान शीघ्र अच्छे संबंधों को बनाए रखते हुए घर से विदा होंगे। 'अतिथि देवो भवः' की परंपरा के अनुसार ईश की दिशा उत्तर-पूर्व में मेहमानों का कमरा बनाया जा सकता है।
मेहमानों के लिए यह दिशा ठीक नहीं-
दक्षिण-पूर्व दिशा में मेहमानों का कमरा बनाने से परहेज करना चाहिए क्यों कि यह धन आगमन की दिशा मानी जाती है।इस जोन में अतिथि कक्ष होने से धनप्राप्ति में बाधा उत्पन्न हो सकती है। यश और प्रसिद्धि का दिशा क्षेत्र दक्षिण दिशा में भी अतिथि कक्ष नहीं बनाएं, ऐसा करने से समाज में आपकी पहचान चमक फीकी हो सकती है। दक्षिण-पश्चिमी कोने में अतिथि कक्ष का निर्माण नही किया जाना चाहिए क्योंकि यह कोना वास्तु-शास्त्र के अन्तर्गत केवल घर मालिक के लिए निर्धारित है।पश्चिम जोन में गेस्टरूम होने से आपको, आपके कार्यों में अस्थाई तौर पर ही लाभ प्राप्त होंगे।इसलिए इस दिशा में गेस्टरूम नहीं होना चाहिए। करियर के दिशा क्षेत्र उत्तर में यदि मेहमानों का कमरा हो तो आपके जीवन में तरक्की के नए अवसर भी अस्थाई होकर मेहमान की तरह ही आएँगे इसलिए इस दिशा में भी अतिथि कक्ष नहीं होना चाहिए।
मेहमानों के लिए यह दिशा ठीक नहीं-
दक्षिण-पूर्व दिशा में मेहमानों का कमरा बनाने से परहेज करना चाहिए क्यों कि यह धन आगमन की दिशा मानी जाती है।इस जोन में अतिथि कक्ष होने से धनप्राप्ति में बाधा उत्पन्न हो सकती है। यश और प्रसिद्धि का दिशा क्षेत्र दक्षिण दिशा में भी अतिथि कक्ष नहीं बनाएं, ऐसा करने से समाज में आपकी पहचान चमक फीकी हो सकती है। दक्षिण-पश्चिमी कोने में अतिथि कक्ष का निर्माण नही किया जाना चाहिए क्योंकि यह कोना वास्तु-शास्त्र के अन्तर्गत केवल घर मालिक के लिए निर्धारित है।पश्चिम जोन में गेस्टरूम होने से आपको, आपके कार्यों में अस्थाई तौर पर ही लाभ प्राप्त होंगे।इसलिए इस दिशा में गेस्टरूम नहीं होना चाहिए। करियर के दिशा क्षेत्र उत्तर में यदि मेहमानों का कमरा हो तो आपके जीवन में तरक्की के नए अवसर भी अस्थाई होकर मेहमान की तरह ही आएँगे इसलिए इस दिशा में भी अतिथि कक्ष नहीं होना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान-
- अतिथि कक्ष की दीवारों पर सात्विक रंग जैसे- सफेद, हल्का गुलाबी, पिस्ता ग्रीन या हल्का पीला रंग का होना शुभ माना जाता है।
- अतिथि कक्ष में स्थित बेड के ऊपर कोई बीम नहीं होना चाहिए।
- इलेक्ट्रानिक उपकरणों को अतिथि कक्ष में दक्षिण-पूर्वी दिशा की ओर रखा जाना चाहिए।
- पीने के पानी की व्यवस्था उत्तर-पूर्व में करना शुभ रहेगा।
- भारी सामान को कमरे में दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम की ओर रखें,उत्तर और पूर्व के स्थान को हल्का छोड़ें।
- कमरे की सजावट में निराशाजनक और हिंसात्मक चीजों का समावेश नहीं होना चाहिए। यहाँ शांत,हँसते हुए एवं खिलती हुई चीजों से सजावट की जानी चाहिए।