ज्योतिषशास्त्र में नील के प्रयोग के कुछ विशिष्ट उपाय बताए गए हैं। अगर दुर्भाग्य लगातार बना रहता है, तो देवी नील सरस्वती पर नील मिले सरसों के तेल का दीपक जलाने से दुर्भाग्य दूर होता है। धन की कमी या आर्थिक नुकसान होता रहता है, तो नील से नीले किए हुए चावल, देवी छिन्नमस्ता को अर्पित करें, लाभ होगा। अगर आप सफेद कपड़े पहनते हैं, तो उसमें नील जरूर दें। ऐसा करने से चंद्रमा शुभ होता है और मानसिक विकार दूर करता है।
यदि घर में किसी भी तरह का वास्तुदोष है, तो पानी में नमक और हल्का नील देकर पोंछा लगाएं। ऐसा करने से वास्तुदोष दूर होता है। घर में दरिद्रता दूर करने के लिए सफेद चूने में थोड़ा नील देकर घर की पुताई कराने से लाभ होता है। बनते कार्य बिगड़ते हैं, तो घर के बाहर नील से उल्टा स्वास्तिक बनाने से दोष दूर होता है। इससे बुरी नजर दोष भी दूर होता है। घर के स्नानघर व शौचालय को नील मिले पानी से साफ करने पर राहु ग्रह का प्रभाव कम होता है।
नील और चूने से घर के बाहर रंगोली बनाने से अलक्ष्मी दूर होती है। नील को घर के चारों कोनों में थोड़ा सा छिड़कने से आर्थिक नुकसान से मुक्ति मिलती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, हमेशा साफ-स्वच्छ कपड़े पहनने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और अपनी कृपा बनाए रखती हैं। गंदे कपड़े धारण करने वाला दरिद्रता को स्वयं निमंत्रण देता है।
अमर उजाला के खुला पन्ना से साभार