वास्तु के अनुसार, जिस घर में हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा होती है, वहां भूत-प्रेत, पिशाच और बुरी आत्माएं कभी नहीं टिक पातीं। मंगल, शनि एवं पितृ दोषों से मुक्ति कि लिए भी हनुमान जी की आराधना अत्यंत लाभकारी होती है।
शास्त्रों के अनुसार, श्रीराम भक्त हनुमान अजर-अमर हैं, वो हर युग में रहते हैं। मान्यता है कि हनुमानजी की भक्ति करने से सभी संकट चमत्कारिक रूप से समाप्त होकर भक्त को शांति और सुख प्राप्त होता है। सच्चे मन से की गई थोड़ी सी पूजा से ही बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होकर अपने भक्तों के कष्टों का निवारण करते हैं। वास्तु के अनुसार, जिस घर में हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा होती है, वहां भूत-प्रेत, पिशाच और बुरी आत्माएं कभी नहीं टिक पातीं। मंगल, शनि एवं पितृ दोषों से मुक्ति कि लिए भी हनुमान जी की आराधना अत्यंत लाभकारी होती है। घर में फैली नकारात्मक ऊर्जा एवं वास्तुदोष को दूर करने के लिए आप हनुमान जी की स्तुति करने के अलावा घर में हनुमान जी की तस्वीर लगा सकते हैं।
विज्ञापन
मनोकामना अनुरूप लगाएं हनुमान जी का चित्र
हमें अनेकों स्वरूप वाले हनुमान जी के चित्र देखने को मिलते है जिनमें राम दरबार में ,रामजी कि चरणों में बैठे हनुमानजी का चित्र ड्राइंग रूम में लगाने से परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम,विश्वास,स्नेह और एकता को बढ़ाने में सहायता मिलती है।
परिवार कि सदस्यों में धार्मिक भावना बनाए रखने कि लिए श्रीराम की आराधना करते हुए या श्री राम का कीर्तन करते हुए हनुमान जी का चित्र लगाना अति शुभ होता है। इस चित्र को लगाने से परिवार के सदस्यों का आपसी विश्वास भी मजबूत होता है ।
इसी प्रकार अगर परिवार के सदस्यों में साहस और आत्मविश्वास की कमी हो तो अपने एक हाथ में पर्वत उठाए हुए हनुमान जी का चित्र घर में लगाना लाभ प्रदान करेगा।
जीवन में उत्साह, सफलता, उमंग पाने कि लिए आकाश में उड़ते हुए हनमान जी का चित्र लगाना चाहिए।
भवन की दक्षिण दिशा में लाल रंग की बैठी हुई मुद्रा में हनुमान जी का चित्र लगाने से दक्षिण दिशा से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा और बुरी ताकतें दूर होती हैं,धीरे-धीरे घर में सुख-शांति आने लगती है।
भवन के मुख्यद्वार पर पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा लगाने से बुरी आत्माएं प्रवेश नहीं करतीं ।
किसी कार्य में सफलता पाने के लिए लंका दहन करते हुए या राम-लक्ष्मण को कंधे पर उठाए हुए हनुमान जी का चित्र लगाया जा सकता है।
यहां पर बिल्कुल न लगाएं हनुमान जी का चित्र
राम भक्त हनुमान बाल ब्रह्मचारी हैं,इनकी उपासना में पवित्रता का ध्यान रखना जरूरी है अतः भूलकर भी इनकी प्रतिमा या चित्र को शयन कक्ष में न लगाएं। सीढ़ियों के नीचे,रसोईघर या अन्य किसी अपवित्र स्थान पर भी इनका चित्र नहीं लगाना चाहिए अन्यथा अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। घर में वास्तु दोष निवारण के लिए हनुमानचालीसा, सुंदरकांड एवं हनुमानाष्टक का पाठ करना अच्छा रहता है।