शयनकक्ष के दरवाजे के ठीक सामने पलंग रखना वास्तुसम्मत नहीं माना गया है। यदि दरवाजे के सामने पलंग लगा है, तो इससे वास्तुदोष उत्पन्न होते हैं। इससे आर्थिक समस्या, मानसिक तनाव एवं शरीर में रोग होने की आशंका बनी रहती है। यदि पलंग को दूसरे स्थान पर बदल पाना संभव न हो, तो दरवाजे पर परदा डालकर रखना चाहिए एवं दरवाजे की तरफ पैर करके नहीं सोना चाहिए।
वास्तु की मान्यता है कि आपके पलंग के ठीक सामने दर्पण या ड्रेसिंग टेबिल नहीं होनी चाहिए, जिसमें सोते समय आपका प्रतिबिंब दिखाई देता हो। यह पति-पत्नी के रिश्तों पर बुरा असर डालता है एवं दर्पण में शरीर के जिस भाग का भी प्रतिबिम्ब दिखता है,उसमें रोग होने की संभावना हो जाती है। यदि पलंग के सामने ऐसा मिरर हो, जिसमें आपका प्रतिबिंब दिखाई देता हो, तो उस पर कपड़ा डालकर सोना चाहिए।
बेडरूम में पलंग लोहे का और आकार में धनुषाकार,अर्धचंद्राकार या वृत्ताकार नहीं होना चाहिए। इससे सोने में बेचैनी और व्याकुलता बढ़ सकती है। आयताकार,चौकोर लकड़ी के फर्नीचर ही वास्तु में शुभ माने गए हैं। वास्तु के अनुसार, आपके पलंग का सिरहाना और बिस्तर आरामदायक होना चाहिए। यदि सिरहाना ठोस लकड़ी का होगा, तो ज्यादा शुभ रहता है। सिरहाने के नीचे कोई भी वस्तु नहीं रखनी चाहिए, ऐसा होने पर नींद ठीक से नहीं आती है और जब नींद आती है, तो बुरे सपने आते हैं। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपके पलंग की ऊंचाई न तो बहुत ज्यादा होना चाहिए और न ही बहुत कम।
पलंग के नीचे भी ऊर्जा निरंतर घूमती रहती है रहती है, जो कि आपके शरीर के चारों ओर संचारित होती है। इस ऊर्जा को ग्रहण करने के लिए पलंग की ऊंचाई व्यवस्थित रहनी चाहिए। सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए पलंग के नीचे भारी सामान नहीं रखना चाहिए। अगर सामान रखा होगा, तो नकरात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ जाएगा और और अच्छी ऊर्जा शरीर को नहीं मिलेगी। सकारात्मक ऊर्जा से आपको शक्ति मिलती है और सुबह जब आप सोकर उठते हैं, तो एकदम तरोताजा महसूस करते हैं और दिनभर एनर्जी बनी रहती है।
अच्छी आरामदायक नींद के लिए जरूरी है कि आपका बिस्तर साफ़ हो,गद्दे,तकिया,चादर आदि फटे और गंदे नहीं हौं,ऐसे बिस्तर वास्तुदोष को बढ़ाते हैं।आपका पलंग यदि डबल बेड है,तो कोशिश करें कि उस पर लगाया जाने वाला गद्दा एक ही हो,दो गद्दे लगाने से पलंग के बीच में दरार बन जाती है जो वास्तु के अनुसार पति-पत्नी के संबंधों में टकराव का कारण बन सकती है।