जिस तरह से अन्य देवी-देवताओं की उपासना करने के लिए मंत्रो का जाप किया जाता है उसी तरह हनुमान जी की कृपा पाने के लिए आप उनके एक चमत्कारिक मंत्र का जाप कर सकते हैं। मान्यता है कि इस मंत्र का जाप सच्चे हृदय, निष्ठा और नियमपूर्वक से करने से रोग आपके निकट भी नहीं आते हैं। आप निरोगी रहते हैं। जानते हैं कौन सा है वह मंत्र किस तरह से करना चाहिए इसका जाप...
हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं इसलिए इनकी पूजा या जाप करते समय तन, मन, क्रम और वचन से शुद्ध होना अनिवार्य है। सबसे पहले प्रातः उठकर स्नानादि करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके पंचपचार विधि(धूप, अक्षत नैवेद्य, सिंदूर, पुष्प) से हनुमान जी की पूजा करें। उसके बाद गुग्गुल दीप जलाएं और भूमि पर लाल रंग का स्वच्छ आसन बिछाकर बैठे। तत्पश्चात् हनुमान जी का ध्यान करते हुए उनके रोग मुक्त रहने की प्रार्थना करें और इस मंत्र का जाप करें।
ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय
विश्वरूपाय अमित विक्रमाय
प्रकटपराक्रमाय महाबलाय
सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।।