सूर्य ग्रहण 2020 का दृश्य क्षेत्र
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कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में नहीं दिखाई देगा। इस कारण सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, साउथ अफ्रीका अटलांटिक, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
15 दिसंबर को धनु संक्रांति
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15 दिसंबर को धनु संक्रांति
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य ग्रहण 14-15 दिसंबर को पड़ रहा है। 15 तारीख को सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे। धनु संक्रांति पर सूर्य ग्रहण का पड़ना बेहद खास माना जा रहा है। धनु संक्रांति 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहेगी। 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर सूर्य ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। इससे पहले साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगा था। ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। परंतु सूर्य ग्रहण का प्रभाव देश और दुनिया पर अवश्य पड़ेगा। ऐसे में ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए सावधानी जरूर बरतें।
सूर्य ग्रहण का सूतक
सूर्य ग्रहण में सूतक काल ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले लग जाता है और ये ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। इस अवधि में कई चीजों का विचार किया जाता है। हिन्दू धार्मिक आस्था के केन्द्रों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। पूजा पाठ एवं अन्य प्रकार के मंगल अनुष्ठान रुक जाते हैं और जब ग्रहण समाप्त होता है तो गंगा जल से घर, मंदिर, मूर्तियों को शुद्ध किया जाता है।