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Solar Eclipse 2021 dates: साल 2021 में सूर्य ग्रहण, जानें तारीख, समय और प्रभाव क्षेत्र

Wed, 02 Dec 2020 03:19 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 2021 में 2 सूर्य ग्रहण लगेंगे
  • 10 जून को लगेगा पहला सूर्य ग्रहण
  • 4 दिसंबर को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण
  • दोनों सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देंगे।
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सूर्य ग्रहण 2021 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साल 2021 में दो सूर्य ग्रहण हैं। पहला सूर्य ग्रहण जून और दूसरा सूर्य ग्रहण दिसंबर में लगेगा। सूर्य ग्रहण का लगना अशुभ माना जाता है। इसमें सूतक काल का विचार किया जाता है। जिसमें कई कार्यों को करना वर्जित माना जाता है। सूर्य ग्रहण उस घटना को कहते है, जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सीधी रेखा में होते हैं और चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होते हुए गुजरता है। आइए जानते हैं साल 2021 में सूर्य ग्रहण कब-कब और किस समय लगेंगे।

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Solar Eclipse 2020 - फोटो : अमर उजाला।
साल 2021 में सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2021)
साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को लगेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा,  वहीं दूसरा सूर्य ग्रहण साल के आखिरी महीने 4 दिसंबर को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। खास बात ये है कि दोनों सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। 

साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण 
दिनांक - 10 जून    
सूर्य ग्रहण का समय - 13:42 बजे से 18:41 बजे तक
दृश्य क्षेत्र - उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग, यूरोप और एशिया में आंशिक व उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रुस 

साल 2021 का दूसरा सूर्य ग्रहण
दिनांक - 04 दिसंबर    
सूर्य ग्रहण का समय - 10:59 बजे से 15:07 बजे तक
दृश्य क्षेत्र - अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, अटलांटिक के दक्षिणी भाग, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका

सूतक काल
साल 2021 में लगने वाले दोनों सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसलिए यहां पर ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। सूर्य ग्रहण में सूतक काल ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले लग जाता है जो ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। 
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सूर्य ग्रहण 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
सूर्य ग्रहण का महत्व
भले ही सूर्य ग्रहण को विज्ञान की नजर में महज एक खगोलीय घटना माना जाता है, लेकिन आस्था के नजरिए से यह एक अशुभ घटना होती है। इसलिए ग्रहण में कई चीजों का विचार किया जाता है। हिन्दू धार्मिक आस्था केन्द्रों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। लोग ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए गंगा जैसी पवित्र नदी में डुबकी लगाते हैं। पूजा पाठ एवं अन्य प्रकार के मंगल अनुष्ठान रुक जाते हैं। जब ग्रहण समाप्त होता है तो गंगा जल से घरों, मंदिरों, मूर्तियों को शुद्ध किया जाता है ताकि उनके ऊपर से ग्रहण की अशुभ छाया दूर हो जाए।

सूर्य ग्रहण में सावधानियां
सूर्य ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही उन्हें चाकू छुरी या नुकीली चीजों का प्रयोग करना चाहिए। कहा जाता है कि इसका सीधा असर गर्भ में पल रहे शिशु के ऊपर पड़ता है। इस सूर्य ग्रहण के बाद स्नान, दान और मंत्र जाप करना विशेष फलदायी रहेगा।
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