सभी नौ ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले शनि से हर कोई भयभीत रहता है। शनि का वैदिक ज्योतिष में विशेष महत्व होता है। कुंडली के शुभ भाव में शनि होने से व्यक्ति रंक से राजा बन जाता है। वहीं अगर शनि कुंडली के अशुभ भाव में बैठ जाते तो व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां पीछा करने लगती हैं। ज्योतिष में शनि की शुभता के लिए कुछ उपाय बताए गए है जिसको करने से शनि की कृपा बनी रहती है।
- शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा अवसर शनिवार, शनि प्रदोष, शनि अमावस्या, शनि जयंती और भगवान हनुमान की उपासना को माना गया है।
- शनिवार के दिन काले श्वान को तेल लगाकर रोटी खिलाना चाहिए।
- अगर आपके ऊपर शनि की महादशा चल रही तो उस समय मांस-मदिरा का त्याग करना चाहिए।
- हर दिन महामृत्युंजय मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करें इससे आपको शनि के दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
- शनि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन काली गाय की सेवा करें।
- हर शनिवार शनि मंदिर जाकर शनि महाराज को सरसों का तेल चढ़ाना चाहिए।
- पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीया जलने से शनि की कृपा मिलती है।
- हनुमान, भैरव और शनि चालीसा का पाठ करने से शनि की कृपा मिलती है।