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Shukra Gochar 2025: शुक्र का कर्क राशि में गोचर, जानिए मिथुन राशि वालों पर प्रभाव

Sun, 24 Aug 2025 04:29 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Shukra Gochar 2025: मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र पंचम और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं। 21 अगस्त को शुक्र के गोचर में आपके दूसरे भाव में विराजमान है। दूसरा भाव धन और कुंटुंब का होता है जिसमें शुक्र बहुत ही अच्छे परिणाम देने वाले साबित होते हैं।
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शुक्र का कर्क राशि में गोचर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Shukra Gochar 2025: वृषभ और तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र अब चंद्रमा की राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-सुविधाओं, सौंदर्य, रोमांस और कला का कारक ग्रह है।  शुक्र 21 अगस्त 2025 को बुध की राशि मिथुन की यात्रा को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं। शुक्र कर्क राशि में 15 सितंबर 2025 तक रहेंगे। यानि शुक्रदेव 21 अगस्त से लेकर 15 सितंबर तक कर्क राशि में गोचर करेंगे। कर्क राशि के स्वामी चंद्र देव होते हैं और चंद्रमा की शुक्र ग्रह के साथ शत्रुता का भाव रखते हैं। शुक्र के चंद्रमा की राशि में गोचर करने से सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं शुक्र गोचर का मिथुन राशि के जातकों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।
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मिथुन राशि पर शुक्र के गोचर का प्रभाव
मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र पंचम और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं। 21 अगस्त को शुक्र के गोचर में आपके दूसरे भाव में विराजमान है। दूसरा भाव धन और कुंटुंब का होता है जिसमें शुक्र बहुत ही अच्छे परिणाम देने वाले साबित होते हैं। आपको धन लाभ के अवसरों में लगातार वृद्धि देखने को मिलेगी। जो लोग लग्जरी चीजों का शौक करते हैं उनको कई तरह के मौके मिलेंगे। इस दौरान आपकी कला और संगीत में रुचि होगी। इस दौरान शुभ परिमाणों की प्राप्ति हो सकती है। घर पर किसी तरह का कोई मांगलिक और धार्मिक तरह का आयोजन हो सकता है। शुक्र का गोचर आपके लिए बहुत कुछ देने के लिए बाध्य करेगा। 

ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व
ज्योतिष में शुक्र ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है। वृषभ और तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र ग्रह होते हैं। कन्या शुक्र ग्रह की नीच राशि मानी जाती है जबकि मीन उच्च राशि होती है। जिन लोगों की कुंडली में शु्क्र ग्रह स्थिति कमजोर होती है। उन्हें आर्थिक परेशानियां और सेहत संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके उलट अगर कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत भाव में होते हैं तो व्यक्ति को सभी तरह की भौतिक सुख सुविधाएं प्राप्ति होती है। 
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कुंडली में कमजोर शुक्र का प्रभाव
- जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर होने पर वह सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख से वंचित रहता है।
- कुंडली में शुक्र के कमजोर होने पर यौन सुख नहीं प्राप्त होता है। इसके अलावा वह बीमारियों से भी घिरा रहता है।
- अगर किसी जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर हो तो जातक भौतिक सुख-सुविधाओं से वंचित रहता है।
- कमजोर शुक्र होने पर व्यक्ति धर्म और अध्यात्म की तरफ जाता है। भोग विलासिता में उसका मन नहीं लगता।

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कुंडली में शुक्र के मजूबत होने पर प्रभाव
- जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह का प्रभाव सकारात्मक रहता है यानी शुक्र ग्रह बली होते हैं वे बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं।
- शुक्र ग्रह के कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास ऊंचा होता है और वह सभी लोगों में काफी लोकप्रिय होता है।
- ऐसे जातक समाज में काफी ख्याति और मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
- जब भौतिक सुखों में वृद्धि होने लगे तो यह शुक्र के शुभ संकेत हैं।
- व्यक्ति को किसी कार्य में अचानक से लगातार सफलताएं मिलने प्रारंभ होने लगे तो समझिए यह मजबूत शुक्र के संकेत हैं।
- जब व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं और मान-सम्मान में वृद्धि होने लगे तो कुंडली में शुक्र मजबूत मजबूत होता है।
- कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर व्यक्ति कला और मनोरंजन के क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करता है।

कमजोर शुक्र को मजबूत करने के उपाय
-   वृषभ और तुला राशि के जातकों को हीरा धारण करना चाहिए।
-    शुक्रवार को व्रत रखें और सफेद वस्तुओं का दान करें।
-   शुं शुक्राय नम: या शुं शुक्राय नम:” का कम से कम 108 बार जाप करें।
-   गाय को रोज सुबह रोटी खिलाएं।


 
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