फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Venus Transit 2025: शुक्र का कर्क राशि में गोचर, जानिए कुंभ राशि वालों पर असर

Sat, 30 Aug 2025 05:47 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Venus Transit 2025: कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र ग्रह चौथे भाव और नवम भाव के स्वामी होकर अब आपके छठे भाव में पहुंच चुके हैं। छठे भाव में शुक्र का गोचर आपके लिए अच्छा परिणाम नहीं देने वाला होगा।
विज्ञापन
शुक्र गोचर 2025 - फोटो : adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Shukra Gochar 2025:  प्रेम और सौंदर्य के कारक ग्रह शुक्र अब चंद्रदेव की राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं। शुक्र कर्क राशि में 15 सितंबर 2025 तक रहेगा। यानि शुक्रदेव 21 अगस्त से लेकर 15 सितंबर तक कर्क राशि में गोचर करेंगे। कर्क राशि के स्वामी चंद्र देव होते हैं और चंद्रमा की शुक्र ग्रह के साथ शत्रुता का भाव रखते हैं। शुक्र के चंद्रमा की राशि में गोचर करने से सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं शुक्र गोचर का कुंभ राशि के जातकों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। 
विज्ञापन


कुंभ राशि पर शुक्र के गोचर का प्रभाव
कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र ग्रह चौथे भाव और नवम भाव के स्वामी होकर अब आपके छठे भाव में पहुंच चुके हैं। छठे भाव में शुक्र का गोचर आपके लिए अच्छा परिणाम नहीं देने वाला होगा। इस दौरान आपको किसी भी महत्वपूर्ण काम को बहुत ही सावधानी के साथ करना होगा। आपको किसी तरह की बीमारियां घेर सकती हैं जिससे आपको परेशानियों का बोझ उठाना पड़ सकता है। इस दौरान आपको वाद-विवाद से बचना होगा। 

ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व
ज्योतिष में शुक्र ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है। वृषभ और तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र ग्रह होते हैं। कन्या शुक्र ग्रह की नीच राशि मानी जाती है जबकि मीन उच्च राशि होती है। जिन लोगों की कुंडली में शु्क्र ग्रह स्थिति कमजोर होती है। उन्हें आर्थिक परेशानियां और सेहत संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके उलट अगर कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत भाव में होते हैं तो व्यक्ति को सभी तरह की भौतिक सुख सुविधाएं प्राप्ति होती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


Shani ki Sadhe Sati: इन 3 राशियों पर है शनि की साढ़े साती का साया, जानें उपाय और बचाव के तरीके

कुंडली में कमजोर शुक्र का प्रभाव
- जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर होने पर वह सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख से वंचित रहता है।
- कुंडली में शुक्र के कमजोर होने पर यौन सुख नहीं प्राप्त होता है। इसके अलावा वह बीमारियों से भी घिरा रहता है।
- अगर किसी जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर हो तो जातक भौतिक सुख-सुविधाओं से वंचित रहता है।
- कमजोर शुक्र होने पर व्यक्ति धर्म और अध्यात्म की तरफ जाता है। भोग विलासिता में उसका मन नहीं लगता।

Lucky Rashifal: इस सप्ताह इन तीन राशि वालों के करियर-कारोबार में होगी तरक्की, मिलेंगे मनचाहे परिणाम

कुंडली में शुक्र के मजूबत होने पर प्रभाव
- जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह का प्रभाव सकारात्मक रहता है यानी शुक्र ग्रह बली होते हैं वे बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं।
- शुक्र ग्रह के कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास ऊंचा होता है और वह सभी लोगों में काफी लोकप्रिय होता है।
- ऐसे जातक समाज में काफी ख्याति और मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
- जब भौतिक सुखों में वृद्धि होने लगे तो यह शुक्र के शुभ संकेत हैं।
- व्यक्ति को किसी कार्य में अचानक से लगातार सफलताएं मिलने प्रारंभ होने लगे तो समझिए यह मजबूत शुक्र के संकेत हैं।
- जब व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं और मान-सम्मान में वृद्धि होने लगे तो कुंडली में शुक्र मजबूत मजबूत होता है।
- कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर व्यक्ति कला और मनोरंजन के क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करता है।

कमजोर शुक्र को मजबूत करने के उपाय
-   वृषभ और तुला राशि के जातकों को हीरा धारण करना चाहिए।
-    शुक्रवार को व्रत रखें और सफेद वस्तुओं का दान करें।
-   शुं शुक्राय नम: या शुं शुक्राय नम:” का कम से कम 108 बार जाप करें।
-   गाय को रोज सुबह रोटी खिलाएं।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें