shani sade sati : मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है।
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Shani Sade Sati: शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह माने गए हैं, जिस कारण से इनका प्रभाव जातकों के जीवन पर लंबे समय तक रहता है। शनि ढाई वर्षों में अपनी राशि बदलते हैं। इस अलावा जब शनि सूर्य के एक निश्चित अंश पर करीब आते हैं तो अस्त हो जाते हैं। शनि का अस्त और उदय होना भी जातकों के जीवन पर प्रभाव रहता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि जब करीब 15 डिग्री पर आते हैं तो अस्त हो जाते हैं। शनि अभी हाल ही में अस्त अवस्था से उदय हुए हैं। जिससे देश- दुनिया के साथ कुछ राशि के लोगों के जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा।
शनि अभी कुंभ राशि में मौजूद हैं, जिस कारण से मकर, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि की ढैय्या है। इस कारण से इन राशि वालों के जीवन में कई तरह के बड़े बदलाव के संकेत हैं। शनि के उदय होने की वजह से जो लोग मेहनत में विश्वास करते हैं उनके लिए अब अच्छा समय आने वाला है। आइए जानते हैं शनि के उदय होने पर किन राशि पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।
मकर, कुंभ और मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती
शनि की साढ़ेसाती जब-जब किसी राशि पर पड़ती है तो इनके जीवन में तमाम तरह की परेशानियां आने लगती हैं। शनि जब अस्त होते हैं तब सूर्य के प्रभाव के कारण उनका प्रभाव कम हो जाता है। वही जब शनि उदय होते हैं तो वे अपने मूल स्वभाव में वापस आ जाते हैं। शनि के कुंभ राशि में उदय होने के कारण मकर, कुंब और मीन राशि वालों जातकों पर साढ़ेसाती का प्रभाव बढ़ जाएगा। कार्यों में आसानी से सफलता हासिल नहीं होगी। मकर राशि के जातकों का कार्यक्षेत्र में मानसिक तनाव बढ़ जाएगा। कुंभ और मीन राशि वालों को धन संबंधी परेशानियां और दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं।
कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर ढय्या
जिस तरह से शनि के उदय होने से मकर, कुंभ और मीन राशि वालों की परेशानियां बढ़ सकती है वहीं शनि के उदय होने से कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर ढैय्या का प्रभाव पहले के मुकाबले बढ़ सकता है। इस राशि के लोग जो नौकरी या बिजनेस में उनके के लिए काम का बोझ और तनाव बढ़ सकता है। कुछ जरूरी जिम्मेदारियों का बोझ पहले के मुकाबले ज्यादा रहेगा। भागदौड़ ज्यादा रहेगी और लड़ाई-झगड़ों बढ़ सकते हैं। ऐसे में इन राशि के जातकों का संभलकर रहना होगा।
शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
- मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमानजी की पूजा और शनिदेव को सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
- शनिवार को शनिदेव के दर्शन करना चाहिए।
- शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए काले, तिल, कंबल, काली उड़द और जूते-चप्पल का दान करना चाहिए।