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Shani Gochar 2025: शनि का मीन राशि में परिवर्तन, जानें मेष राशि पर कैसा होगा असर ?

Fri, 28 Mar 2025 01:11 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

29 मार्च को शनि राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि कुंभ राशि से मीन में गोचर करेंगे। शनिदेव मीन राशि में पूरे ढाई वर्ष तक रहेंगे। शनि के राशि परिवर्तन करने से मेष राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण। 
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Shani Gochar 2025: 29 मार्च को शनि का गोचर मीन राशि में होगा - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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Shani Gochar 2025: 29 मार्च को साल का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन होने वाला है। न्याय और कर्मफलदाता शनि कुंभ राशि की अपनी यात्रा को पूरा करते हुए गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। शनिदेव जब देवगुरु बृहस्पति की राशि में प्रवेश करेंगे तो 57 वर्षों बाद  षठग्रही योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। मीन राशि में 29 मार्च शनि के साथ सूर्य, राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा की युति बनेंगे। शनि के गोचर के दिन शनि अमावस्या का भी योग बन रहा है। इसके अलावा 29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण भी  लगेगा। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इस तरह से इस दिन ग्रहण योग भी बनेगा। वहीं इसी दिन बुधादित्य राजयोग, शुक्रादित्य राजयोग और बुध-शुक्र की युति लक्ष्मी नारायण योग का शुभ योभ भी बनेगा। 

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वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे अहम और शक्तिशाली ग्रह माना गया है। शनि न्याय, कर्म, मेहनत, पीड़ा, कष्ट, संघर्ष और धैर्य के कारक ग्रह होते हैं। सभी नवग्रहों में कर्मफलदाता शनि सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं, इस तरह से सभी 12 राशियों का एक चक्कर को पूरा करने के लिए शनि 30 वर्ष का समय लेते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे शक्तिशाली और प्रभावी इसलिए होते हैं क्योंकि यहीं एकमात्र ग्रह हैं जिनके पास साढ़ेसाती और ढैय्या है। हर एक जातकों के जीवन में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का व्यापक असर पड़ता है।

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29 मार्च को शनिदेव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। शनि के मीन राशि में गोचर करने से कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और कंटक शनि की पनौती से छुटकारा मिल जाएगा वहीं कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी। शनि के गोचर करने से सभी 12 राशियों पर कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य ही पड़ेगा। 
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मेष राशि पर शनि के गोचर का प्रभाव
शनि के राशि परिवर्तन करने के बाद से मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। मेष राशि के जातकों के लिए शनिदेव दशम और एकादश भाव के स्वामी होकर आपके द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। शनिदेव यहां पर गोचर करते हुए आपके दूसरे भाव, छठे भाव और नवम भाव पर अपनी द्दष्टि रखेंगे। शनि के मेष राशि में प्रवेश करने के कारण आपके लिए लंबी यात्राओं के योग बनेंगे। इच्छाओं की पूर्ति होगी। धन लाभ के होने के साथ धन अधिक खर्च भी होगा। नौकरीपेशा जातकों को लिए नई नौकरी के बेहतरीन मौके मिलेंगे। अचानक धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी। परिवार के सदस्यों का सहयोग प्राप्ति होगा। लाभ के अवसर बनेंगे। 

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