षडाष्टक योग बहुत ही कष्टकारी होता है।
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Shadashtak Yog 2025: वैदिक ज्योतिष में जहां एक तरफ शुभ योग के निर्माण होने से जातकों के जीवन में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रहों के योग से अशुभ योग भी बनते हैं। 20 जून को शनि-मंगल के साथ 150 अंश पर शनि होंगे। आपको बता दें कि शनि अभी मीन राशि में विराजमान है जहां से अपनी विशेष द्दष्टि डालते हैं। जब शनि और मंगल एक विशेष कोणीय अवस्था में होते हैं तो षडाष्टक नाम का योग माना जाता है। जैसे कि आपको मालूम है शनि मीन राशि में और मंगल सिंह राशि में हैं और केतु के साथ युति करके खतरनाक योग बना रहे हैं। शनि के षडाष्टक योग से कई राशियों के लिए मुश्किलें आ सकती है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि मंगल का षडाष्टक योग अच्छा नहीं माना जाता है। मेष राशि में मंगल और शनि द्वादश भाव में विराजमान और वहीं मंगल-केतु के साथ युति होने से कई तरह के मानसिक तनाव से गुजरना पड़ेगा। सेहत में बुरा असर देखने को मिलेगा। आपको वाहन चलाते समय थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। वाहन चलाते समय आपको दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए शनि-मंगल का षडाष्टक योग कुछ परेशानियां ला सकता है। धन सबंधी परेशानियों से दो चार होना पड़ेगा। आर्थिक स्थिति में बुरा असर देखने को मिलेगा। जो लोग निवेश करना चाह रहे हैं उनके लिए समय अच्छा नहीं है। व्यापार में घाटे का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक तंगी महसूस हो सकती है। कार्यस्थल पर बॉस या वरिष्ठों से डांट-फटकार हो सकती है, जिससे मनोबल कम हो सकता है। पड़ोसियों या आस-पास के लोगों से झगड़े या विवाद की संभावना भी बनती है।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए षडाष्टक योग अच्छा नहीं रहेहा। आपको मानसिक और शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कामकाज के सिलसिले में अड़चनें आ सकती है। पैसों से तंगी का सामना करना पड़ सकता है। सेहत संबंधी परेशानियों में इजाफा होगा। स्वास्थ्य के मामले में भी सावधानी बरतें क्योंकि छोटी-मोटी बीमारियां परेशान कर सकती हैं, खासकर थकान, सिरदर्द या तनाव से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मतभेद हो सकते हैं, जिससे काम का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है।