Shani Vakri 2025 : 13 जुलाई को शनि अब मीन राशि में रहते हुए वक्री यानी उल्टी चाल से चलने लगे हैं। शनि 138 दिनों तक वक्री रहेंगे, फिर इसके बाद मीन राशि में ही मार्गी हो जाएंगे। शनि का नाम आते ही लोगों के मन में तरह-तरह के भय व्याप्त हो जाते हैं। शनि व्यक्ति को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। जब व्यक्ति अच्छे कर्म करता है तो शनि अच्छे फल देते हैं वहीं जब व्यक्ति बुरे कर्म करते हैं तो शनिदेव व्यक्ति को दंड भी देते हैं। शनि की दशाएं, अशुभ द्दष्टि, साढ़ेसाती और ढैय्या व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं। शनि मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं यह एक राशि चक्र को पूरे करने में करीब 30 वर्ष का समय लेते हैं। आपको बता दें कि 13 जुलाई को शनि सुबह 07 बजकर 24 मिनट पर वक्री हो चुके हैं। शनि के वक्री होने का प्रभाव सभी राशि के जातकों पर दिखाई देगा। आइए जानते हैं शनि के वक्री प्रभाव।
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मेष राशि
- फोटो : amar ujala
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि आपकी कुंडली दशम और एकादश भाव के स्वामी होकर अब द्वादश भाव में वक्री चल रहे हैं। ऐस में शनि का नकारात्मक प्रभाव अब कम देखने को मिलेगा। परेशानियों से अब इसके बाद निजात मिलेगी। आपके खर्चों में कमी देखने को मिलेगी।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि नवम और दशम भाव के स्वामी होते हैं और 13 जुलाई को जब यह मीन राशि में वक्री हुए तब यह आपक लाभ के भाव में हुए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लाभ भाव में शनि का गोचर अच्छा माना जाता है। ऐसे में कुछ अच्छे परिमाण मिल सकते हैं। सेहत के मामले में आपको सतर्क रहना होगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए शनिदेव आपकी कुंडली के अष्टम और नवम भाव के स्वामी होते हैं और अब मीन राशि में वक्री होने से यह आपके दशम भाव पर अपना प्रभाव रखेंगे। दशम भाव में शनि का गोचर अच्छा नहीं माना जाता है। इसके आपको कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। आपको मिले-जुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं। दशम भाव में शनि आपके नौकरी और व्यवसाय को धीमा और बाधाएं पैदा कर सकते हैं।
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कर्क राशि
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कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए शनि कुंडली के सातवें और आठवें भाव के स्वामी होकर आपके भाग्य भाव में वक्री हो रहे हैं। आपको मिले जुले परिणाम प्राप्त होंगे। धर्म-कर्म के कार्यों में आपका रुझान बढ़ सकता है। भाग्य के भरोसा बैठने और इससे सफलता मिलेगी, ऐसे सोचना आपके लिए अच्छा नहीं होगा।
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सिंह
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सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए शनि छठे और सातवें भाव के स्वामी होकर आपके अष्टम भाव में वक्री हुए हैं। आठवें भाव में शनि का गोचर अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में कुछ मामलों में आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
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कन्या राशि
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कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए शनि पंचम और छठे भाव के स्वामी हैं और अब आपके सप्तम भाव में वक्री हो रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के नियमों के मुताबिक सप्तम भाव में शनि का वक्री अच्छा नहीं माना जाता है। आपके जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
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तुला राशि
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तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए शनि चौथे और पांचवें भाव के स्वामी होकर आपके छठे भाव में वक्री हो रहे हैं। छठे भाव में शनि अच्छा फल देते हैं। आप अपने शत्रुओं पर भारी होंगे। धन और संपत्ति के मामलों में आपको सफलता मिल सकती है।
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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि आपकी कुंडली के तीसरे और चौथे भाव के स्वामी हैं। और अब यह आपके पंचम भाव में वक्री हो रहे हैं। पंचम भाव में शनि अच्छे परिणाम नहीं देते हैं। कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लाभ के मौकों में कमी आ सकती है।
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धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए शनिदेव आपकी कुंडली के दूसरे और तीसरे भाव से स्वामी होकर अप आपके चौथे भाव में वक्री हुए हैं। इससे आपकी नकारात्मकता में कमी आएगी और लाभ के अवसर बढ़ेंगे।
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आज का राशिफल
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मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए शनि पहले और दूसरे भाव के स्वामी होकर आपके तीसरे भाव में वक्री हुए हैं। तीसरे भाव में शनि अच्छा फल प्रदान करते हैं। सेहत के मामले में आपको सावधानी बरतनी होगी।
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आज का राशिफल
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कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि लग्न और बारहवें भाव के स्वामी होते हैं और अब जब शनि वक्री हुए हैं तो यह आपके दूसरे भाव में वक्री होंगे। आपके लिए शनिदेव आपकी नकारात्मकता में कमी लाएंगे। आर्थिक मामलों में प्रगति होगी।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए शनिदेव आपके लाभ और व्यय भाव के स्वामी होकर आपके पहले भाव में वक्री हो रहे हैं। आपको शुभ परिणामों की प्राप्ति होगी। इस दौरान आपको आर्थिक और पारिवारिक मामलों में जोखिम से बचना होगा।