स्वभाव और चुनौतियां
आप देवताओं और ब्राह्मणों के भक्त, कोमल वचन बोलने वाले, चंचल और कृष शरीर वाले हैं। लंबा कद, खरीदारी में निपुण, धैर्यवान, ईमानदार और सत्यप्रिय पसंद है। घूमने फिरने के शौकीन और दान-पुण्य में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले हैं। वर्ष के आरंभ में ग्रह गोचर काफी उतार-चढ़ाव ला सकते हैं, जिद एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। मकान-वाहन का क्रय भी करना चाह रहे हों तो पूर्ण सफल रहेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में अच्छी सफलता के योग। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नव दंपति के लिए संतान प्रादुर्भाव के भी योग। 13 अप्रैल से वृहस्पति के मीन राशि में गोचर करने के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। 12अप्रैल से ही राहु-केतु का राशि परिवर्तन नई चुनौतियां पेश करेगा किंतु शनि का शुभ प्रभाव हर तरह से आपकी रक्षा करेगा। वर्षपर्यंत सफलता का ग्राफ 85 प्रतिशत से अधिक रहेगा। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें- तुला राशिफल 2022
माह के सितारे
जनवरी- आय के साधन बढ़ेंगे, ऊर्जाशक्ति की वृद्धि, जमीन-जायदाद के मामले हल होंगे, संतान प्रादुर्भाव के योग।
फरवरी- माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें, मित्रों अथवा संबंधियों से अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग।
मार्च- प्रतियोगिता में अच्छी सफलता, संतान के दायित्व की पूर्ति, नव दंपति के लिए संतान प्रादुर्भाव के योग।
अप्रैल- सरकारी विभागों में प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे, मकान वाहन के क्रय का योग, मित्रों से सहयोग मिलेगा।
मई- दांपत्य जीवन में कड़वाहट न आने दें, वैवाहिक वार्ता में थोड़ा और विलंब होगा, साझा व्यापार करने से बचें।
जून- रोमांस के मामलों में उदासीनता रहेगी, शिक्षा-प्रतियोगिता में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करें।
जुलाई- दांपत्य जीवन में कड़वाहट बढ़ेगी, ससुराल पक्ष से रिश्ते बिगड़ने न दें, वैवाहिक वार्ता में विलंब के योग।
अगस्त- जमीन-जायदाद से लाभ, आध्यात्मिक उन्नति होगी, विदेशी नागरिकता के लिए प्रयास करना सफल।
सितंबर- आय के साधन बढ़ेंगे, वाहन दुर्घटना का शिकार होने से बचें, कोर्ट कचहरी के मामले बाहर ही सुलझाएं।
अक्टूबर- गुप्त शत्रुओं से बचें, संतान के दायित्व की पूर्ति, घूमने-फिरने एवं विलासिता पूर्ण वस्तुओं पर व्यय।
नवंबर- ग्रह गोचर बेहतरीन सफलता देंगे, सोची-समझी रणनीति कारगर रहेगी, नौकरी में भी पदोन्नति के योग।
दिसंबर- विलासितापूर्ण वस्तुओं पर व्यय, जमीन-जायदाद के मामले भी सुलझेंगे, संतान संबंधी चिंता दूर होगी।
उपाय- अशुभ ग्रहों के दुष्प्रभाव से बचते रहें और शुभ ग्रहों का पूर्ण फल आपको मिले, इसके लिए शक्कर से मिले हुए दूध, दही, घी अथवा शहद से रुद्राभिषेक करें।