Aries Horoscope/Mesh Rashifal 2022
मेष राशि 2022
आपका स्वभाव चंचल, आंखें लाल, घूमने फिरने के शौकीन और अल्प भोजन करने वाले हैं। आपको जलीय रोगों अथवा नदी, समुद्र और तालाब में डूबने का भय रहेगा। झूठ बोलने से दूर ही रहना चाहिए अन्यथा अपने ही बुने जाल में उलझ सकते हैं। वर्ष के आरंभ से ही राशि स्वामी मंगल स्वग्रही होने के बावजूद नई चुनौतियां पेश करेंगे इसलिए झगड़े-विवाद तथा कोर्ट कचहरी के मामलों बचे रहना समझदारी होगी। शनि और गुरु का गोचर आय के साधन बढ़ाएगा। कार्य-व्याकारकी दृष्टि से सम्पूर्ण वर्ष बेहतर रहेगा किन्तु 13 अप्रैल से गुरु के मीन राशि में गोचर करने के परिणामस्वरूप भागदौड़ अधिक रहेगा। मांगलिक एवं सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेंगे। 12 अप्रैल से राहु के मेष और केतु के तुला राशि में गोचर करने के फलस्वरूप स्वभाव के चिड़चिड़ापन अधिक आजाएगा जिसके कारण आपके अपने ही लोग दूर जा सकते हैं। इन सबके बावजूद वर्षपर्यंत आपकी सफलता का ग्राफ 75 प्रतिशत रहेगा। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें- मेष राशिफल 2022
जनवरी- नौकरी में सम्मान वृद्धि होगी, कार्यक्षेत्र का भी विस्तार होगा, नए अनुबंध प्राप्ति के योग।
फरवरी- मुकदमों में सफलता, गुप्त शत्रु भी परास्त होंगे, विदेशी नागरिकता के लिए प्रयास सफल।
मार्च- ग्रह-गोचर बेहद अनुकूल रहेगा, शीर्ष अधिकारियों से भी सहयोग के योग, नौकरी में पदोन्नति।
अप्रैल- व्यापार में उतार-चढ़ाव अधिक, प्रेमसंबंधी मामलोंमें प्रगाढ़ता, संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के योग।
मई- विदेशी वीजा-नागरिकता के लिए आवेदन करना सफल, विलासितापूर्ण वस्तुओं पर अधिक खर्च।
जून- रोमांस का सुख, प्रेम विवाह के योग, शासन सत्ता का भी पूर्ण सहयोग, विवाह संबंधी वार्ता सफल।
जुलाई- पारिवारिक जिम्मेवारी बढ़ेगी, विलासितापूर्ण एवं महंगी वस्तुओं का क्रय करेंगे, नौकरी में पदोन्नति।
अगस्त- स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव, व्यर्थ विवादों से बचें, शिक्षा-प्रतियोगिता में अच्छी सफलता के योग।
सितंबर- सफलताओं के बावजूद उतार-चढ़ाव अधिक, संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के योग, गुप्त शत्रुओं से बचें।
अक्टूबर- जिद और आवेश पर नियंत्रण रखें, माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, विदेश यात्रा के योग।
नवंबर- दांपत्य सुख में वृद्धि, ससुरालपक्ष से सहयोग वैवाहिक वार्ता सफल, सरकारी योजनाओं से लाभ।
दिसंबर- उच्चाधिकारियों से सहयोग, व्यर्थ विवादों से दूर रहें, अग्नि, विष तथा दवाओं के रिएक्शन से बचें।
उपाय- अशुभ ग्रहों के दुष्प्रभाव के कमी आएगी और शुभ ग्रहों का पूर्ण प्रभाव मिलता रहे इसके लिए हर तीन माह में एक बार अनार के रस, गन्ने के रस, पंचामृत अथवा शहद से रुद्राभिषेक करें।