ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी 9 ग्रह एक निश्चित अंतराल में एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते रहते हैं। ग्रहों के राशि परिवर्तन को गोचर कहा जाता है। साल 2020 में राहु ग्रह का राशि परिवर्तन बहुत बड़ी ज्योतिषीय घटना है। राहु शनि के बाद सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। राहु एक राशि से दूसरी राशि में अपनी स्थान परिवर्तन करने के लिए करीब 18 महीनों का समय लेते हैं। राहु हमेशा वक्री चाल से ही चलते हैं। वक्री चाल का अर्थ उल्टी चाल से होता है। राहु-केतु ही ऐसे ग्रह हैं जो हमेशा उल्टी चाल ही चलते हैं। 23 सितंबर से राहु मिथुन राशि को छोड़कर वृषभ राशि में वक्री चाल से चलेंगे। जब-जब राहु अपनी चाल बदलते हैं तब-तब इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। आइए जानते हैं राहु के राशि बदलने से मिथुन राशि के जातकों पर इसका कैसा प्रभाव पड़ेगा जानते हैं।