फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राशि परिवर्तन: अप्रैल में राहु-केतु बदलेंगे राशि,18 साल बाद मेष और तुला राशि में दोबारा आएंगे

Wed, 23 Mar 2022 08:50 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
राहु-केतु का राशि परिवर्तन 2022 : राहु वृषभ राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे वहीं केतु वृश्चिक राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। - फोटो : अमर उजाला
Rahu Transit 2022 Effects: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का राशि परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ता है। साल 2022 कई ग्रहों के राशि परिवर्तन का वर्ष है।अप्रैल का महीना ग्रहों के राशि परिवर्तन के हिसाब से खास रहने वाला है। अप्रैल माह में शनि, गुरु और राहु-केतु काफी अंतराल के बाद राशि बदलेंगे। राहु-केतु करीब 18 महीनों के बाद राशि बदलने वाले हैं। राहु-केतु का राशि परिवर्तन 12 अप्रैल को होगा। राहु-केतु दोनों ही छाया ग्रह माने गए हैं और ये हमेशा वक्री यानी उल्टी चाल से चलते हैं। 12 अप्रैल को राहु मेष में और केतु तुला राशि में प्रवेश करेंगे। मौजूदा समय में राहु वृषभ और केतु वृ्श्चिक राशि में मौजूद हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
राहु-केतु राशि परिवर्तन 2022 - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष गणना के अनुसार शनिदेव के बाद राहु-केतु सबसे ज्यादा दिनों तक किसी एक राशि में विराजमान रहते हैं। शनि जहां ढाई साल के बाद राशि परिवर्तन करते हैं तो वहीं राहु-केतु 18 महीनों के बाद उल्टी चाल से चलते हुए राशि बदलते हैं। 18 साल बाद दोबारा से राहु-केतु मेष और तुला राशि में प्रवेश करने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल हैं और तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र ग्रह है। मंगल और राहु एक-दूसरे के प्रति शत्रुता का भाव रखते हैं। वहीं केतु और शुक्र ग्रह एक दूसरे के प्रति सम भाव के माने गए हैं। राहु-केतु के बारे में पौराणिक कथा काफी प्रचलित है कथा के अनुसार जब समुद्र मंथन हो रहा था तो राहु-केतु चुपके से मंथन के दौरान निकला अमृत पी लिया था। तब भगवान विष्णु मोहनी का रूप धारण करके सभी देवताओं को अमृतपान करा रहे थे जैसे ही उन्हें इस बात का आभास हुआ फौरन ही अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया था। हालांकि इस दौरान राहु ने अमृत पान कर लिया जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई। तभी से राहु को सिर और केतु को धड़ के रूप में है।
विज्ञापन

3 of 5
rahu ketu
देश दुनिया पर राहु-केतु का असर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी राहु-केतु का राशि परिवर्तन होता है। तब इसका प्रभाव न सिर्फ सभी जातकों के ऊपर होता है बल्कि देश-दुनिया पर भी प्रभाव देखने को मिलता है। राहु-केतु के गोचर से कई तरह के प्राकृतिक उथल-पुथल होने की संभावना रहती है। पृथ्वी पर गर्मी का प्रकोप बढ़ जाता है और वर्षा भी कम होती है। देश-दुनिया में राजनीति अपने चरम पर होती है। एक-दूसरे देशों में तनाव काफी बढ़ जाता है। रोग बढ़ जाते हैं जिससे जनता का हाल बुरा हो जाता है। 

4 of 5
rahu gochar 2022 - फोटो : अमर उजाला
12 राशियों पर असर
राहु-केतु के गोचर से सभी राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष गणना के अनुसार कुंडली में मौजूद राहु-केतु की दशा के आधार पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ता है। राहु-केतु के 18 महीनों के बाद राशि बदलने के कारण मेष, वृषभ, कर्क,कन्या और मकर राशि वालों को सावधानी बरतनी पड़ेगी। आप सभी के लिए राहु-केतु का प्रभाव अच्छा नहीं रहेगा। वहीं सिंह, तुला,वृश्चिक, धनु और कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर शुभ और लाभ दिलाने वाला साबित होगा। धन लाभ और मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी, वहीं मिथुन और मीन राशि वालों पर इस राशि परिवर्तन का कोई भी प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
rahu transit 2020 - फोटो : अमर उजाला
उपाय
जिन जातकों की कुंडली में राहु-केतु अशुभ प्रभाव रखते हैं उनको इससे बचने के लिए शनिदेव और भैरव भगवान की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ करने से राहु-केतु का प्रभाव नहीं रहता। राहु-केतु के प्रभाव को कम करने के लिए काले कंबल और जूते का दान करना शुभ रहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें