Guru Rise 2022: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी 9 ग्रहों में देवगुरु बृहस्पति सबसे ज्यादा शुभ फल देने वाले ग्रह माने गए हैं। जिन जातकों की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति की स्थिति अच्छी होती है उनके जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन अच्छा रहता है। कुंडली में गुरु ग्रह की शुभ स्थिति होने पर व्यक्ति को हर एक क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्ति का रुझान धर्म के क्षेत्र में काफी गहरा होता है। ऐसे में गुरु के राशि परिवर्तन,अस्त या उदय होने का प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर गहरा पड़ता है।
गुरु ग्रह पिछले महीने की 24 फरवरी को अस्त हुए हैं और अब दोबारा से इनका उदय 26 मार्च को शाम के 6 बजकर 38 मिनट पर होगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी गुरु का अस्त होता है तो उसका प्रभाव कम होने लगता है जिसकी वजह से इसका प्रभाव जातकों के ऊपर पड़ता है। वहीं जब भी गुरु का उदय होता है लोगों के भाग्य बदलने लगता है। कार्यो में सफलताएं मिलने लगती है। आइए जानते हैं गुरु के कुंभ राशि में उदय होने पर किन राशियों पर इसका शुभ प्रभाव देखने को मिल सकता है।