astrology: 30 साल बाद बना नवपंचम योग
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Navpancham Yog Benefits: 6 मई 2023 को शुक्र ग्रह के मिथुन राशि में प्रवेश करते ही नवपंचम योग बना है क्योंकि उसी समय पहले से ही शनि देव कुंभ राशि में विराजमान थे। शुक्र और शनि की इसी स्थिति से नवपंचम योग का निर्माण होता है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार यह दुर्लभ योग करीब 30 वर्ष के बाद बना है। इस दुर्लभ योग से 3 राशि वालों की किस्मत चमक जाएगी।
क्या है नवपंचम योग : जब 2 ग्रह एक दूसरे से त्रिकोण भाव में स्थित हो तो इस योग का निर्माण होता है। इसे राजयोग कहते हैं। यह भी कहते हैं कि नवपंचम योग तब बनता है जब दो ग्रहों के बीच की दूरी 120 डिग्री हो। इस योग में एक ही तत्व राशि होती है। अर्थात 1-5-9 (मेष-सिंह-धनु) अग्नि राशि है, 2-6-10 (वृषभ-कन्या-मकर) पृथ्वी राशि है, 3-7-11 (मिथुन-तुला-कुंभ) है वायु राशि। 4-8-12 (कर्क-वृश्चिक-मीन) जल राशि से बनता है। इसी तरह नक्षत्र चक्र से भी इसे जाना जा सकता है। यह योग ठीक 120 डिग्री का होता है।
इस योग की विशेषता : यह योग जब भी बनता है तो इस योग के चलने जातक को अचानक से धन लाभ होने की संभावना बढ़ जाती है। सभी तरह की आर्थिक समस्या समाप्त हो जाती है।
मेष राशि : आपकी राशि के तीसरे भाव में शुक्र का गोचर मित्र, भाई और बहनों के प्रति प्रेम को बढ़ाएगा। कार्यक्षेत्र में सहयोग प्राप्त होगा। ज्योतिष मान्यता के अनुसार इस योग से मेष राशि को अचानक से धन लाभ होगा या आय के नए विकल्प खुल जाएंगे। यदि कोई निवेश किया होगा तो उससे भी लाभ हो सकता है। लंबी यात्रा के योग भी बनेंगे।
वृषभ राशि : आपकी राशि के दूसरे भाव में शुक्र का गोचर सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला है। वृषभ राशि शुक्र की ही राशि है। इसलिए आपको इसका ज्यादा लाभ मिलेगा। धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। नौकरी में वेतनवृद्धि हो सकती है। व्यापारी हैं तो अचानक से कोई बड़ा मुनाफा हो सकता है। आप लोगों को अपनी और करने में कामयाब होंगे।
मिथुन राशि : आपकी राशि के प्रथम भाव में शुक्र का गोचर आपके व्यक्तित्व को आकर्षक बनाएगा। इसी के साथ ही मिथुन में शुक्र का गोचर आपके भाग्य को जागृत करेगा। भाग्य के कारण अटके कार्य पूर्ण होंगे और आर्थिक समस्याओं का अंत होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय व्यतीत होगा। धर्म कर्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में आप तरक्की करेंगे।