Budhaditya Rajyog: 23 मई को वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुध वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से सूर्यदेव विराजमान हैं। इस तरह से वृषभ राशि में बुध-सूर्य की युति बनेगी। वैदिक ज्योतिष में बुध-सूर्य की युति को बुधादित्य राजयोग के नाम से जाना जाता है। बुध-सूर्य की युति से कुछ राशि वालों को इसका जबरदस्त लाभ मिलेगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली में जब-जब बुधादित्य योग बनता है तो इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। बुध और सूर्य दोनों ही ग्रहों को अच्छा माना जाता है, ऐसे में इनका संयोग व्यक्ति के तर्क करने की क्षमता में वृद्धि कराता है। बुद्धि तेज होती है और करियर में अच्छी सफलता मिलती है। बुध-सूर्य की युति जब सिंह, कन्या और मिथुन राशि में होती है तो इसे अच्छा माना जाता है। 23 मई को दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर बुध का गोचर वृषभ राशि होने से बुधादित्य राजयोग 6 जून तक रहेगा। आइए जानते हैं किन-किन राशि वालों को इसका फायदा मिलेगा।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं और सूर्य पंचम भाव के स्वामी हैं। बुध-सूर्य की यह युति मेष राशि के जातकों के लिए दूसरे भाव में होगी। ऐसे में धन के मामले में यह आपके लिए अच्छा रहेगा। धन अर्जित और संचित दोनों ही करने में कामयाबी होगी।
वृषभ राशि
इस राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और सूर्य चौथ भाव पर अधिपत्य रखते हैं। बुध-सूर्य की युति 23 मई को आपके लग्न भाव में बनेगा। ऐसे में यह युति आपके लिए बहुत ही लाभकारी साबित हैं। करियर कारोबार में अच्छी सफलता हासिल होगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
सिंह राशि
सिंह राशि के लिए सूर्य लग्न यानी पहले भाव के स्वामी हैं, वहीं बुध दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। इस तरह से सूर्य-बुध की युति सिंह राशि के जातकों के लिए दसवें भाव में स्थित होंगे। जो आपके लिए लिए शानदार फल प्रदान करेंगे। सरकारी नौकरी में सफलता प्राप्ति करने के अच्छे अवसर मिलेंगे।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए बुध सप्तम और दशम भाव के स्वामी हैं, वहीं सूर्य नवम भाव के स्वामी हैं। सूर्य-बुध की युति आपके छठे भाव में होगी। इस तरह से यह योग आपके छठे भाव में होगा जिससे आप विरोधियों पर जीत हासिल करेंगे। निवेश संबंधी मामलों में आपकी जीत होगी।
मीन राशि
बुध आपकी राशि के लिए सातवें और दशम भाव के स्वामी है, जबकि सूर्य छठे भाव के स्वामी हैं। इस तरह से वृषभ राशि में बुध-सूर्य की युति तीसरे भाव में होगी। ऐसे में आपके लिए यह योग शुभ साबित होगा।