Mangal Gochar 2025: मंगल अब राशि परिवर्तन कर चुके हैं। 13 सितंबर 2025 को मंगल कन्या राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए तुला राशि में प्रवेश कर गए हैं। मंगल तुला राशि में 26 अक्तूबर तक रहेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल एक राशि में करीब 45 दिनों तक रहते हैं फिर अगली राशि में गोचर होते हैं। मंगलदेव इसके बाद अपनी स्वराशि वृश्चिक में प्रवेश कर जाएंगे। वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को बहुत ही पराक्रमी, साहसी और जुझारू ग्रह माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल शुभ स्थानों में रहते हैं या फिर अच्छे ग्रहों के साथ अच्छा संबंध बनाते हैं,वे बहुत ही साहसी और पराक्रमी होते हैं। जब-जब मंगल का गोचर होता है तब-तब देश-दुनिया में किसी न किसी तरह की उथल-पुथल रहती है। ज्योतिष में मंगल ग्रह को ऊर्जा, जोश, पराक्रम, युद्ध और सेना का कारक माना जाता है। मंगल ग्रह को राशिचक्र में पहले और आठवें भाव का स्वामित्व प्राप्त है। मंगल को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है। यह मकर राशि में उच्च के होते हैं और कर्क राशि में नीच के होते हैं। मंगल के गोचर करने से इसका प्रभाव सभी जातकों के ऊपर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं मंगल के गोचर से मीन राशि वालों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मीन राशि पर मंगल के गोचर का प्रभाव
मीन राशि के जातकों के लिए मंगल देव आपकी कुंडली के दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं। मंगल का तुला राशि में गोचर आपके अष्टम भाव में हुआ है। कुंडली का आठवां भाव अचानक होने वाले घटना और आयु से होता है। ऐसे में मंगल के गोचर करने से आपको अपने द्वारा किए गए प्रसासों का पूरा लाभ मिलेगा। इस दौरान आप अपने कार्यक्षेत्र में अपने शुत्रओं पर विजय हासिल करने में कामयाब होंगे। मंगल का तुला राशि में गोचर होना और आपकी राशि से आठवें भाव में होना वैवाहिक जीवन में कुछ असंतुलन का सामना करना पड़ सकता है। वहीं मंगल के गोचर से मीन राशि वालों के करियर की बात करें तो आपको बेहतर अवसर की प्राप्ति हो सकती है। आर्थिक नजरिए आपके लिए मंगल आपके खर्चो में अचानक से वृद्धि हो सकती है।