Operation Sindoor: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 9 आंतकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करके बदला ले लिया है। भारतीय वायुसेना न एयर स्ट्राइक में कई पीओके समेत कई आंतकी ठिकानों को नष्ट करते हुए करीब 100 आंतकवादियों को मारा गिराया है। भारतीय सेना के इस ऑपरेशन की तारीफ पूरे देश में हो रही है। भारतीय सेना ने 7 मई की रात को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट करके कई आतंकवादियों को नर्क भेज दिया है, जिससे पहलगाम आंतकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों समेत पूरे देशवासियों को ठंडक मिली है। भारतीय सेना के द्वारा किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' में ग्रहों की चाल कैसी थी और क्या आगे आने वाले समय में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बन सकती है इसकी ज्योतियीय गणना क्या कहती है।
ऑपरेशन सिंदूर 2025 और ज्योतिषीय कनेक्शन
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने आतंक पर करारा प्रहार करने के नीयत से 7 मई 2025 की आधी रात को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर कई आतंकवादियों का मार गिराया। भारतीय सेना के द्वारा किया गया यह ऑपरेशन एक पूर्ण युद्ध नहीं माना जा सकता लेकिन अब इस तरह का माहौल बन रह जैसे कि जंग ज्यादा दूर नहीं है। ऐसे समय में ग्रहों की चाल कैसी थी और आने वाले समय में क्या भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हो सकता है इस बात के संकेत ग्रहों के गोचर और चाल से मिल सकता है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक साल के शुरुआत में 6 बड़े ग्रहों की युति होने से देश की सुरक्षा और सीमा पर तनाव की तरफ इशारा करता है। आने वाले समय में ग्रहों के गोचर पर नजर डाले तो तनाव का माहौल बरकरार रह सकता है। खास तौर पर मंगल ग्रह की स्थिति और गुरु के राशि परिवर्तन से अतिचारी होने की स्थिति से आने वाला समय थोड़ा मुश्किलों से भरा रह सकता है।
7 मई को रात 01 बजकर 30 मिनट में हुए ऑपरेशन के दौरान अगर लग्न कुंडली को देखें तो इस समय मकर लग्न थी। मकर लग्न में इसके स्वामी शनिदेव होते हैं और ये कुंडली के तीसरे भाव में बैठे हुए थे। कुंडली का तीसरा भाव साहस, पराक्रम, तेज और पड़ोसी से संबंध होता है। यानी लग्न का स्वामी पराक्रम भाव में बैठा था। वहीं दूसरी तरफ तीसरे भाव में युद्ध के कारक ग्रह मंगल और शनि की युति से भारत को कोई ताकतवार कदम बढ़ाने की तरफ संकेत था। पराक्रम के भाव में न्याय के कारक ग्रह शनि और युद्ध के कारक ग्रह मंगल का होना भारत के हौसले और हिम्मत को दिखाता है। इसके साथ छठा भाव जो कि शत्रुओं और युद्ध का भाव माना माना जाता है, इसके स्वामी बुध भी मंगल और शनि के साथ तीसरे भाव में बैठे थे और शुक्र उच्च के होकर इसी भाव में थे। युद्ध, पराक्रम, शौर्य और साहसिक कदम उठाने की ताकत रहने वाले ग्रह और भाव के कारण भारत पराक्रम के बल जोखिम उठाया और ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा।
अब इसके बाद आगे क्या
गोचर में शुक्र,शनि और राहु की स्थिति से पड़ोसी देश पाकिस्तान को भारत से भारी नुकसान उठाने की स्थिति में है। ऐसे स्थिति में पाकिस्तान को जान-माल और धन हानि होने का लंबे समय तक है। अगर किसी भी सूरत में पाकिस्तान भारत पर कोई बड़ा हमला करता है उसको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रहों की गोचर की स्थिति को देखे तो पाकिस्तान की तरफ से कोई भी बड़ा कदम उठाना मुश्किल है। हालांकि पाकिस्तान अपनी आदतों से मजबूर होते हुए आतंकीवादी गतिविधियां कर सकता है लेकिन इसका जवाब भारत की तरफ से कठोर मिलेगा। वहीं भारत अपनी तरफ से युद्ध का ऐलान नहीं कर सकता है।