इस दिन लगेगा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण
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Chandra Grahan 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और समय-समय पर लगने वाले ग्रहण का विशेष प्रभाव मानव जीवन के साथ-साथ देश-दुनिया पर जरूर पड़ता है। 18 सितंबर को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण पितृ पक्ष के शुरू होने के पहले दिन लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण एक उपछाया चंद्रग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा के कुछ हिस्सों में मात्र हल्की सी परछाई पड़ेगी। ज्योतिष शास्त्र में उपछाया चंद्र ग्रहण की मान्यता नहीं जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इस कारण से भी सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा। लेकिन इस ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर कुछ ना कुछ जरूर पड़ेगा। आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण का किन-किन राशियों के ऊपर प्रभाव पड़ेगा।
साल का दूसरा चंद्र ग्रहण
वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को सुबह 6 बजकर 12 मिनट से शुरू हो जाएगा और यह ग्रहण सुबह 10 बजकर 16 मिनट पर खत्म होगा।
चंद्र ग्रहण 2024 का 12 राशियों पर प्रभाव
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब-जब चंद्र या सूर्य ग्रहण पड़ता है इसका प्रभाव सभी राशियों के ऊपर जरूर पड़ता है। यह चंद्र ग्रहण एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा और इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा। जिस कारण से ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन फिर भी इस चंद्र ग्रहण का कुछ प्रभाव जरूर पड़ेगा। मेष, मिथुन, कर्क, कन्या, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि वालों पर कुछ नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। ग्रहण के दौरान धन हानि, मानसिक परेशानियां और सेहत संबंधी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपको कुछ नया काम न करें।
वहीं इस चंद्र ग्रहण का कुछ शुभ प्रभाव वृषभ, सिंह, तुला, धनु और मकर राशि के जातकों पर पड़ सकता है। इन लोगों को कुछ नए अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। व्यापार में कुछ लाभ और योजनाएं का प्रभाव अच्छा देखने को मिल सकता है।
ग्रहण पर क्या न करें
- चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं करनी चाहिए। इस दौरान देवी-देवताओं की प्रतिमा को स्पर्श भी नहीं करना चाहिए।
- चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। उन्हें किसी भी तरह का काम नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को रसोई का काम नहीं करना चाहिए।
- सुई में धागा नहीं पिरोना चाहिए। कुछ भी छीलना या काटना नहीं चाहिए।
- गर्भवती महिला के वातावरण से चंद्र ग्रहण के नकारात्मक तत्वों को दूर करने के लिए कमरे के बाहर गाय के गोबर या गेरू से टूटे हुए क्रॉस का निशान बनाना जरूरी है।
- गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही सीधे ग्रहण को देखना चाहिए।
- ग्रहण के दिनों में गर्भवती महिलाओं को यथासंभव विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। महिलाओं को पूजा-पाठ पर ध्यान देना चाहिए।