ज्योतिष में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार माना जाता है। बुध सूर्य के सबसे ज्यादा नजदीक रहने वाले ग्रह होते हैं। ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, संचार, व्यापार, शिक्षा, तर्कशास्त्र और शिक्षा का कारक ग्रह माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में बुध अच्छे भाव में होते हैं वे बहुत ही बुद्धिमान, समझदार, चतुर और तीब्र बुद्धि के होते हैं। बुध ग्रह का संबंध लेखन, विज्ञापन और व्यापार से होता है। ऐसे में जिन लोगों के लिए बुध शुभ होते हैं वे संवाद, लेखन, व्यापार और बोलने में माहिर होते है। आपको बता दें कि बुध कुंभ राशि में गोचर करने के साथ-साथ दो बार अस्त और उदित होंगे। सबसे पहले बुध 10 फरवरी 2026 अस्त से उदित होंगे। इसके बाद बुध 28 फरवरी 2026 को अस्त होगे और दोबारा से 13 मार्च को उदित हो जाएंगे। आइए जानते हैं बुध के कुंभ राशि में उदय होने से मेष राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।