फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budh Gochar 2025: बुध का कन्या राशि में गोचर, जानें कर्क राशि वालों पर प्रभाव

Tue, 09 Sep 2025 06:33 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Budh Gochar 2025:  कर्क राशि वालों के लिए बुध तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी होकर कन्या राशि में गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है। इस भाव में बुध के गोचर का फल अच्छा नहीं कहा जा सकता है। करियर-कारोबार में आपको इस दौरान संभलकर रहना होगा।
विज्ञापन
बुध का कन्या राशि में गोचर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Budh Gochar 2025: ग्रहों के राजकुमार बुध अब अपनी स्वराशि कन्या में गोचर करने वाले हैं। 15 सितंबर को वाणी और बुद्धि के कारक ग्रह बुध सिंह राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए कन्या राशि में गोचर करने वाले हैं। बुध 15 सितंबर को सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राशि चक्र में बुध मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व प्राप्त है। कन्या राशि में यह उच्च के होते हैं। बुध के कन्या राशि में गोचर करने से सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं बुध के कन्या राशि में गोचर करने से कर्क राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं। 

Gemstone Tips: कुंडली में किस ग्रह की ऊर्जा को संतुलित करने के लिए कौन सा रत्न धारण करना चाहिए? यहां जानें

बुध गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव
विज्ञापन

कर्क राशि वालों के लिए बुध तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी होकर कन्या राशि में गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है। इस भाव में बुध के गोचर का फल अच्छा नहीं कहा जा सकता है। करियर-कारोबार में आपको इस दौरान संभलकर रहना होगा। इस दौरान आपको पारिवारिक परेशानियों और पैसों की तंग से जूझना पड़ सकता है। जो लोग किसी न किसी व्यापार से संबंधित हैं उनको प्रतिस्पर्धा का सामना करने को मिल सकता है। आय में गिरावट और खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना होगा। जिन लोगों को आंख से जुड़ी समस्या है उनको इसमें परेशानी महसूस हो सकती है। 

Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि में इन राशि वालों की चमकेगी किस्मत, बन रहा है महालक्ष्मी राजयोग

Palmistry: हथेली पर बनी इन लकीरों से व्यक्ति को मिलता है अच्छा मुकाम और धन-दौलत

Surya Grahan 2025: पितृपक्ष के अंतिम दिन लगेगा सूर्य ग्रहण, इन राशियों को मिलेगा खास लाभ

ज्योतिष में बुध ग्रह
विज्ञापन

- मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व बुध देव को प्राप्त है। 
- बुध ज्येष्ठा, आश्लेषा और रेवती नक्षत्र के अधिपति ग्रह होते हैं। 
- वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को सबसे छोटा और शुभ ग्रह माना जाता है। 
- सभी नवग्रहों में बुध ग्रह को राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। 
- बुधदेव को वाणी, व्यापार, गणित, तर्कशास्त्र, संचार, बुद्धि और त्वचा का कारक ग्रह माना जाता है। 
- ज्योतिष में बुध को द्विस्वभाव का ग्रह माना जाता है। यानी बुध ग्रह जिस ग्रह के साथ होते हैं उसकी के अनुसार फल प्रदान करते हैं। 
- बुध सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाले ग्रह हैं, जिस कारण से यह बार-बार अस्त हो जाते हैं। 
- कुंडली में बुध के मजबूत होने पर व्यक्ति बुद्धिमान, कूटनीतिज्ञ और राजनीति में कुशल होता है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें