फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budh Gochar 2025: बुध का वृश्चिक राशि में परिवर्तन, जानें मेष राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?

Sat, 13 Dec 2025 04:03 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Budh Gochar 2025: बुध को सभी ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। बुध 6 दिसंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश कर चुके हैं। आइए जानते हैं मेष राशि पर कैसा असर देखने को मिलेगा। 
विज्ञापन
Budh Gochar 2025 - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Budh Gochar 2025:  वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, संवाद, व्यापार, वाणी और तर्कशास्त्र कारक ग्रह माना जाता है। बुध ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति के सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय और तर्कशक्ति को नियंत्रित किया जाता है। बुध ग्रह के कुंडली में बली होने पर व्यक्ति बहुत बुद्धिमान, समझदार और व्यापार में सफल होता है वहीं बुध के कमजोर होने पर व्यक्ति भ्रमित, गलत निर्णय, संवादहीनता और व्यापार में नुकसान करने वाला होता है। बुध जल्दी-जल्दी राशि बदलने वाले ग्रह हैं। इस माह बुध 6 दिसंबर 2025 को मंगल के स्वामित्व वाली राशि वृश्चिक में गोचर कर चुके हैं। आइए जानते हैं बुध के गोचर करने से मेष राशि वालों पर कैसा असर देखने को मिलेगा।
विज्ञापन


मेष राशि पर बुध गोचर का प्रभाव
मेष राशि वालों के लिए बुध ग्रह तीसरे और छठे भाव के स्वामी ग्रह होते हैं। 6 दिसंबर को बुध के वृश्चिक राशि में गोचर करने से यह आपके आठवें भाव में गोचर कर रहे हैं। बुध के वृश्चिक राशि में गोचर करने से आपको कुछ आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। करियर के मामलों में आपको लंबी दूरी की यात्रा करने का अवसर मिल सकता है। जो लोग नौकरी पेशा है उनको कुछ अवसर मिल सकते हैं। वहीं व्यापार में मुनाफा कमाने के लिए बाधाओं का भी सामना आपको करना होगा। इस दौरान आपको पैसों के लेने देन में सावधानी बरतननी होगी। वित्तीय मामलों में थोड़ा सोच-समझकर चलना होगा। प्रेम जीवन में साथी के साथ किसी बात को लेकर बहस हो सकती है। सेहत आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है। 

अपनी राशि के दैनिक राशिफल को और अधिक विस्तार से जानने के लिए myjyotish के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर से कंसल्ट करें!
विज्ञापन


ज्योतिष में बुध ग्रह
- वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को सबसे छोटा और शुभ ग्रह माना जाता है। 
- सभी नवग्रहों में बुध ग्रह को राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। 
- बुधदेव को वाणी, व्यापार, गणित, तर्कशास्त्र, संचार, बुद्धि और त्वचा का कारक ग्रह माना जाता है। 
- ज्योतिष में बुध को द्विस्वभाव का ग्रह माना जाता है। यानी बुध ग्रह जिस ग्रह के साथ होते हैं उसकी के अनुसार फल प्रदान करते हैं। 
- मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व बुध देव को प्राप्त है। 
- बुध शुभ ग्रहों के साथ होने पर शुभ फल और अशुभ ग्रहों के साथ होने पर अशुभ फल प्रदान करते हैं। अगर बुध ग्रह शुक्र,गुरु और बली चंद्रमा के साथ हों तो अच्छे फल प्रदान करते हैं। वहीं पापी ग्रहों के साथ होने पर जैसे राहु-केतु, शनि, सूर्य और मंगल तो अशुभ फल प्रदान करते हैं। 
- बुध सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाले ग्रह हैं, जिस कारण से यह बार-बार अस्त हो जाते हैं। 
- बुध ज्येष्ठा, आश्लेषा और रेवती नक्षत्र के अधिपति ग्रह होते हैं। 
- कुंडली में बुध के मजबूत होने पर व्यक्ति बुद्धिमान, कूटनीतिज्ञ और राजनीति में कुशल होता है। 

ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
विज्ञापन


कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय
  • बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
  • बुधवार के व्रत रखें।
  • बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
  • रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
  • बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
  • यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
  • बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
  • रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
  • बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
  • हरी मूंग की दाल का दान करें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें