6 अप्रैल से भारतीय कैलेंडर के अनुसार नया साल चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से आरम्भ होगा। ऐसी मान्यता रही है कि वर्ष के प्रथम दिन अपने-अपने ज्योतिषियों से मिलकर अपना वर्षफल अवश्य जानना चाहिए ताकि वर्ष की योजना बनाने में आसानी रहे।
3 राशियों की चमकेगी किस्मत
इस वर्ष मिथुन, तुला और कुम्भ राशि और लग्न वालों को लाभ होगा। इन राशियों और लग्नों के जातक राजनीति में भी अच्छा चमकेंगे। व्यवसाय में सफलता मिलेगी। नया व्यवसाय और उद्यम भी शुरू कर सकते हैं।
3 राशियों को रहना होगा सतर्क
वृश्चिक, सिंह और धनु राशि और लग्न वालों को विशेष सतर्क रहना होगा। वाणिज्य-व्यापार में जोखिम उठाना हानिकारक हो सकता है। कार्यस्थल पर विशेष संयम रखना होगा और टकराव की स्थिति को टालना श्रेयस्कर रहेगा।
6 राशियों के लिए वर्ष सामान्य
बाकी बचे छः राशि वालों के लिए समय सामान्य रहेगा और पुरुषार्थ के अनुसार लाभ मिलेगा।
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मुख्य ग्रहों की स्थिति
विक्रम संवत 2076 में ग्रहों की स्थिति पर विचार करने में हम केवल दो ग्रहों पर विचार करेंगे – गुरु और शनि की गति पर। गुरु धनु राशि में 30 मार्च, शनिवार 03: 09 प्रातः को ही आ गए हैं। धनु राशि में रहते हुए ही ये 10 अप्रैल, 2019, बुधवार को रात्रि 10:30 बजे वक्री हो रहे हैं।
वक्री गति में ये पुनः वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल, शनिवार शाम 05:53 पर वापस पहुँच रहे हैं जहाँ ये 11 अगस्त, 2019, रविवार को संध्या 07:07 बजे ये मार्गी हो रहे हैं।वक्री गति का कुल समय 123 दिन का रहेगा। अब ये पुनः 5 नवम्बर, 2019, मंगलवार को प्रातः 06:42 बजे धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं। धनु से मकर में गुरु का प्रवेश 30 मार्च, 2020 को प्रातः 06 बजे हो जायेगा।
शनि महाराज धनु राशि से ही संचार करते रहेंगे। शनि 30 अप्रैल, 2019, मंगलवार को प्रातः 06:25 बजे वक्री होंगे और 18 सितम्बर, 2019, बुधवार को अपराह्न 02: 18 बजे ये मार्गी हो जायेंगे। वक्री गति की कुल अवधि रहेगी 142 दिन। धनु से मकर में शनि का प्रस्थान होगा 24 जनवरी, 2020, शुक्रवार को दोपहर 12:10 बजे हो जायेगा।