पांचों उंगलियों
में अंगूठा व्यक्ति की इच्छा शक्ति को दर्शाता है और व्यक्ति की सफलता में
इच्छाशक्ति का बड़ा महत्व है। इसलिए हस्तरेखा विज्ञान में अंगूठा को विशेष महत्व
दिया गया है। अंगूठे के नीचे शुक्र पर्वत होता है जो व्यक्ति की कामना,
भौतिक सुख, चिंता को दर्शाता है। इसलिए हस्तरेखा विज्ञान में कहा जाता है कि हाथ की
लकीरों को देखकर केवल भविष्यवाणी नहीं करनी चाहिए। व्यक्ति की उंगली और अंगूठे को
भी देखना चाहिए।
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार जिस व्यक्ति का अंगूठा पीछे
कलाई की ओर मुड़ता है और दिखने में सुन्दर, लंबा और पतला होता है वह भावुक, उदार और
कोमल हृदय वाले होते हैं। अगर अंगूठा अधिक नहीं मुड़ता है तो यह दर्शाता है कि
व्यक्ति उदार है लेकिन अपने हितों को प्राथमिकता देता है। अंगूठे का अधिक झुकाव
बताता है कि व्यक्ति बहुत अधिक उदार है और इनकी उन्नति के मार्ग में बहुत सी बाधाएं
आएंगी। लेकिन बाधाओं को पार करके यह अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल होगा।
जिस व्यक्ति का अंगूठा खंभे की तरह सीधा होता है उन्हें भाग्य से नहीं
बल्कि कर्म से कामयाबी मिलती है। ऐसे व्यक्ति किसी की सहायता करने का वचन देते हैं
तो हर हाल में अपने वचन को निभाने की कोशिश करते हैं। लेकिन यश फिर भी नहीं मिलता
है। ऐसे लोग में अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की क्षमता कम होती है।
अपने विरूद्ध बात होने पर यह तुरंत नाराज हो जाते हैं और जरा सी अच्छी बात
होने पर खुश भी हो जाते हैं। ऐसे लोग अपने ऊपर किये गये उपकार को कभी नहीं भूलते तो
नुकसान पहुंचाने वाले से बदला लेने में हिचकते भी नहीं हैं। हस्त रेखा विज्ञान के
अनुसार इस तरह के अंगूठे वाले व्यक्ति सच्चे देश भक्त और धर्म के प्रति गहरी आस्था
रखने वाले होते हैं। समझौते का सिद्धांत इन्हें पसंद नहीं आता है।
अंगूठे
का हथेली अथवा तर्जनी उंगली की ओर झुकाव हस्तरेखा विज्ञान में अच्छा नहीं माना जाता
है। जिनका अंगूठा इस प्रकार का होता है वह अंधविश्वासी होता हैं। तंत्र-मंत्र,
जादू-टोने में इनका अधिक विश्वास होता है। अंगूठे का आकार बेडौल हो तब व्यक्ति उग्र
स्वभाव का होता है। बात-बात पर किसी से उलझ जाता है। इन्हें जीवन में काफी संघर्ष
करना पड़ता है।
अंगूठे की लंबाई तीसरे पोर के मध्य तक होना उत्तम माना जाता
है। बहुत कम लोगों के अंगूठे की लंबाई इतनी होती है। अंगूठा अगर तर्जनी उंगली के
तीसरे पोर को छू रहा है तो व्यक्ति बहुत ही बुद्धिमान होता है। ऐसे लोगों की
जान-पहचान का दायरा बड़ा होता है। इनमें सहनशक्ति खूब होती है लेकिन स्वभाव से
शंकालु होने की वजह से कई बार अपमानित भी होना पड़ता है।