हाथ की रेखाओं का हस्तरेखा विज्ञान में जितना महत्व है उतना ही महत्व पैर की बनावट और तलवे में मौजूद रेखाओं और चिन्हों का भी है। हस्तरेखा विज्ञान में कई जगह भगवान विष्णु के पगतल में मौजूद रेखाओं और चिन्हों का उल्लेख किया गया है।
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भगवान विष्णु के पैरों में मौजूद जिन चिन्हों को हस्तरेखा विज्ञान में बहुत ही शुभ बताया गया है। यह चिन्ह जिनके पैरों में मौजूद होते हैं वह बड़े ही सौभाग्यशाली होते हैं। ऐसे चिन्ह भगवान राम, कृष्ण, महात्मा बुद्घ, महावीर जैन और आज के युग के कई धनवान व्यक्तियों के पैरों में मौजूद हैं।
इस तरह के चिन्ह जिन व्यक्तियों के पैरों में मौजूद होते हैं वह व्यक्ति कभी न कभी जरुर धनवान बनते हैं। इन्हें समाज में प्रतिष्ठा मिलती है। यहां ऐसे ही पांच चिन्हों का उल्लेख किया जा रहा है जो आपके पैरों में मौजूद हों तो आप एक न एक दिन प्रतिष्ठित और धनवान व्यक्ति बनेंगे।
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तलवे में मौजूद धनवान रेखा
समुद्रशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति के पगतल की कनिष्ठिका यानी सबसे छोटी उंगली के किनारे थोड़ा सा नीचे ऊपर की ओर उठी हुई रेखा होती है वह व्यक्ति भोग विलास में रुचि लेने वाला होता है।
लेकिन इनकी अच्छी बात यह होती है कि यह अपने गुण और कर्मों से समाज एवं कार्यक्षेत्र में खूब नाम और यश अर्जित करते हैं। इन्हें भाग्य का सहयोग मिलता रहता है और धन संपत्ति अर्जित करने में कामयाब होते हैं।
अक्षय धन रेखाः कभी धन की कमी नहीं रहती
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के एड़ी मूल में तीन अंगुली ऊपर मध्य भाग में वृत्त रेखा यानी गोल आकृति बन रही है तो समझ लेना चाहिए कि तलवे में अक्षय धन रेखा मौजूद है।
लेकिन ऐसे व्यक्ति को धनवान बनने के लिए खूब मेहनत करनी पड़ती है। परिश्रम का इन्हें अच्छा परिणाम मिलता रहता है और कामयाबी की ओर बढ़ते रहते हैं।
अगर दोनों पैरों को मिलाने पर तलवे आपस में नहीं मिले और बीच में वृत्त यानि गोल आकृति बने तो यह भी धनवान बनने के संकेत हैं।
ऐसे व्यक्ति धनवान होने के साथ ही साथ जीवन में खूब नाम और यश भी कमाते हैं। यह अपने क्षेत्र में सफल व्यक्ति होते हैं।
त्रिशूल रेखाः यह धनवान और धर्मात्मा बनाता है
जिनके पैरों में भगवान शिव का अस्त्र यानी त्रिशूल का चिन्ह होता है वह बड़े ही भाग्यशाल होते हैं। जिनके पैरों में यह चिन्ह होता है वह सरकारी क्षेत्र में अथवा सरकार से जुड़े किसी क्षेत्र में बड़े अधिकारी होते हैं। यह जहां भी होते हैं इनका प्रभाव बना रहता है। धन संपत्ति की इनके पास कभी कमी नहीं होती।
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार यह रेखा अंगूठे के बगल और मध्यमा उंगली के संगम में जोड़ पर स्थित होता है। माना जाता है यह रेखा पैर में होना पूर्वजन्म के पुण्य कर्मों का फल होता है।
अंगूठे मूल में जिनके स्वास्तिक का चिन्ह पाया जाता है वह महापुरुष होते हैं।
ऐसा व्यक्ति धार्मिक और दानी होता है। धर्म कर्म के प्रति अधिक रुझान होने पर यह अपने ध्यान योग से सिद्घ पुरूष भी बन सकते हैं।
परोपकारी रेखाः धनवान होकर भी वैरागी होते हैं यह
जिस व्यक्ति के तलवे में एड़ी के मध्य भाग में दायीं ओर एड़ी के मूल भाग से निकलकर कोई रेखा पहुंचती है वह बहुत ही परोपकारी और सज्जन व्यक्ति होता है। भगवान की इन सदैव कृपा रहती है।
यह जो भी काम करते हैं उनमें कम परिश्रम से ही इन्हें खूब सफलता मिलती है। यह एक न एक दिन खूब धनवान बनते हैं।
जबकि पगतल की एड़ी के मध्य से किनारे की ओर अर्धचन्द्राकर रेखा होने पर व्यक्ति के पास धन होने पर भी वह उनमें लिप्त नहीं होता है। इनका व्यवहार वैरागी की तरह होता है। ईश्वर में इनकी गहरी आस्था होती है।
अपने तलवे को गौर से देखिए अगर इनमें एड़ी से थोड़ा ऊपर अंग्रेजी के T जैसी अकृति नजर आती है तो यह आपके लिए बहुत ही भाग्यशाली चिन्ह है। यह चिन्ह संकेत है कि आप अगर व्यापार करें तो आपकी सफलता को कोई रोक नहीं सकता है।
हस्तरेखा विज्ञान कहता है कि तलवे में ऐसा निशान होने का साफ-साफ मतलब है कि आप व्यापार में खूब सफल होंगे। व्यवसाय से आप खूब धन और मान-सम्मान अर्जित करेंगे।
जबकि तलवे के मध्य भाग से एक उंगली ऊपर किनारे से निकली नीचे की ओर झुकी रेखा का होना व्यक्ति के महान विद्वान होने का संकेत होता है। इस तरह की रेखा पैर में होने पर व्यक्ति बुद्घिमान होता है और अपने ज्ञान से धन और यश कीर्ति अर्जित करता है।