वैदिक ज्योतिष शास्त्र में किसी जातक की कुंडली में मौजूद ग्रहों और नक्षत्रों का विश्लेषण करके व्यक्ति का स्वभाव और भविष्य में होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी की जाती है। इस तरह से हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति के हथेली पर पर्वतों और रेखाओं के आधार पर फलित किया जाता है। हथेली पर ग्रहों के रूप में शनि, सूर्य, बुध, चंद्रम, शुक्र और गुरु पर्वत मुख्य होते हैं। आज हम आपको हथेली पर मौजूद शनि पर्वत के बारे में बताएंगे। हथेली पर मौजूद शनि पर्वत को न्याय, कर्म और मेहनत का प्रतीक माना जाता है। हथेली पर अगर शनि पर्वत मजबूत होता है तो इससे सरकारी नौकरी और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं हथेली पर शनि पर्वत कहां होता है और इसके शुभ निशान क्या-क्या होते हैं।
कहां बना होता है शनि पर्वत?
हथेली पर शनि पर्वत शनि ग्रह का प्रतीक होता है। हथेली में मध्यमा उंगली के ठीक नीचे उभरे हिस्से को शनि पर्वत कहते हैं। हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर शनि पर्वत पर में अच्छा उभार और अच्छे तरीके से बना हुआ है। इससे व्यक्ति भाग्यशाली और धन-दौलत वाला होता है।
शनि पर्वत उभरा हो तो अच्छा
हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर मध्यमा उंगली के नीचे बना शनि पर्वत पूरी तरह से विकसित और उभरा हुआ हो तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा व्यक्ति बहुत ही मेहनती और आत्मविश्वास से भरा हुआ होता है।
शनि पर्वत पर बना त्रिकोण का निशान
हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की हथेली में बना शनि पर्वत पर त्रिकोण का निशान बना हो तो व्यक्ति बहुत ही लगनशील और मेहनती होता है। ऐसे लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं और सरकारी नौकरी की चाहत पूरी होती है। ऐसे लोग धनी होते हैं और अपने थोड़े से ही प्रयासों अच्छी सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे लोग सुख-सुविधा और ऐशोआराम की प्राप्ति होती है।
शनि पर्वत पर वर्ग का निशान
अगर किसी व्यक्ति के हथेली पर बने शनि पर्वत पर वर्ग के आकार का कोई निशान होता है तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे लोग बहुत ही कम उम्र में बड़ी सफलता को प्राप्ति करते हैं। इनका समाज में अच्छा मान-समाज होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।