Mantra Jaap: शनि को ज्योतिष शास्त्र में एक प्रभावशाली ग्रह माना गया है। नव ग्रहों में शनि को न्यायाधीश बताया गया है। इसके साथ ही शनि को कर्मफलदाता भी कहा जाता है। मान्यता है कि शनि ग्रह व्यक्ति को उसके अच्छे बुरे कामों का फल प्रदान करते हैं। शनि की जब साढ़े साती और ढैय्या आरंभ होती है तो शनि देव व्यक्ति के जीवन में काफी उथल-पुथल लाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को प्रसन्न करने के कई उपाय बताए गए हैं। मंत्र जाप भी इनमें से एक है। शनिदेव के मंत्रों का जाप विधि-विधान से किया जाए तो परेशानियां कुछ कम हो सकती हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो मंत्र जाप और इनका जाप कैसे किया जाना चाहिए।