Shani Dev: ब्रह्मपुराण के अनुसार शनि देव को उनकी पत्नी ने क्रोध में आकर श्राप दिया था।
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शनिदेव को मिला था श्राप
ब्रह्मपुराण के अनुसार शनि देव को उनकी पत्नी ने क्रोध में आकर श्राप दिया था कि वह जिस पर भी अपनी दृष्टि डालेंगे उनका अनिष्ट हो जाएगा। यही कारण है की गर में शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर नहीं रखी जाती, ताकि लोग उनकी कुदृष्टि से बचे रहें।
Shani Dev: हमेशा मूर्ति के दाएं या बाईं ओर खड़े होकर शनि देव के दर्शन करने चाहिए।
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कैसे करें शनिदेव की मूर्ति पूजा
- शनि देव की पूजा करते समय भी कभी भी उनकी मूर्ति के सीधे सामने खड़े होकर उनके दर्शन नहीं करने चाहिए।
- हमेशा मूर्ति के दाएं या बाईं ओर खड़े होकर शनि देव के दर्शन करने चाहिए।
- शनि देव की दृष्टि से बचने के लिए बेहतर है कि शनि देव की मूर्ति की बजाय उनके शिला रूप के दर्शन करने चाहिए।
- इसके साथ ही शनि देव की कृपा पाने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करें, शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- जो श्रद्धालु गरीबों, असहायों की मदद करने और उनकी सेवा करते हैं उनसे भी शनि देव बहुत प्रसन्न होते हैं।