तांत्रिक चंद्रास्वामी आखिर भारतीय राजनीति में इतने खास क्यों थे ?
चंद्रास्वामी एक तांत्रिक थे और भारतीय राजनीति के सबसे विवादास्पद किरदारों में से एक थे। दुनिया के कई देशों के ताकतवर लोगों पर उनका खासा प्रभाव था, खासकर राजनेताओं पर। इसमें ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का नाम भी शामिल था। पूर्व विदेश मंत्री कुंवर नटवर सिंह ने अपनी पुस्तक 'वॉकिंग विद लायंस' में लिखा है कि चंद्रास्वामी ने मार्गरेट थैचर के ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी, जो बाद में सच भी साबित हुई थी। चंद्रास्वामी की पहुंच सिर्फ भारत, ब्रिटेन और फ्रांस तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि ब्रूनेई के सुल्तान, बहरीन के शासक और इसके अलावा कहते हैं कि हॉलीवुड एक्ट्रेस एलिजाबेथ टेलर भी उनकी भक्त थीं।
अज्ञात का भय
राजनीति मे अज्ञात का भय ही सबसे बड़ा कारण है जो सत्ता पर रहते हुए हमेशा ही बना रहता है। हाथ में सत्ता की अनिश्चितता कई शक्तिशाली राजनेताओं को झकझोर देती है। जीत के अलावा छिपे हुए दुश्मनों को हराने और उन्हें हमेशा के लिए सफलता के रास्ते से हटाना भी राजनीति में राजनेताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि बगलामुखी अनुष्ठान हो या कोई और तांत्रिक अनुष्ठान चुनावी मौसम मे देश के ज्योतिषी व्यस्त दिखाई पड़ते है। मां बगलामुखी की उपासना शत्रुनाश, वाक-सिद्धि, वाद-विवाद में विजय के लिए की जाती है। यही कारण है कि माता बगलामुखी को सत्ता की देवी भी कहा जाता है। नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी हो या सिंधिया घराना, राजनेताओं से लेकर फिल्म जगत के सितारों इन सभी को देवी का अनुष्ठान व गुप्त पूजा अर्चना कराते हुए देखा गया है।
ज्योतिषियों के लिए चुनाव का मौसम लगभग उत्सव का होता है और जबकि लोकतंत्र को लोगों द्वारा, लोगों पर और लोगों के लिए माना जाता है, परंतु राजनेताओं ने लोगों शब्द को ज्योतिष से बदल दिया है। देश के सबसे बड़े राज्य में जल्द ही चुनाव है और विरोधियों को मात देने के लिए राजनेताओं की गोपनीय तैयारी नवरात्रि से ही चालू हो चली है।