आज सुबह विधिवत रूप से पुनः केदानाथ का पट खोल दिया गया है और केदारनाथ की पूजा शुरू हो गई। करीब तीन महीने पहले 16 जून को जब केदारनाथ में तबाही आयी थी उस समय से मंदिर में जमा मलवे की वजह से पूजा-पाठ बंद पड़ा था।
केदारनाथ में आयी तबाही के बाद यह बात सामने आयी कि जिस दिन केदरनाथ का पट खुला था उस समय का मुहूर्त शुभ नहीं था। अशुभ मुहूर्त के प्रभाव के कारण केदरनाथ नाराज हुए और प्रकृति के ताण्डव से हजारों लोगों की जान गई।
उत्तराखंड के कुछ ज्योतिषशास्त्रियों का कहना है कि इस बार केदरनाथ का पट शुभ मूहुर्त में खोला गया है। ज्योतिषशास्त्री आचार्य शिव प्रसाद ममगाई के अनुसार 11 अगस्त को बुधवार, षष्ठी तिथि और स्वाति-नक्षत्र के मिलन की वजह से यह दिन अपने आप में खास है।
शंकर जी की राशि कुंभ है। इस दिन कुंभ राशि के दशम भाव में चंद्रमा है। केदारनाथ की राशि मिथुन है और मिथुन के छठे भाव में चंद्रमा है। जो अच्छा संयोग है। बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग भी है। जो इस दिन को और शुभ बना रहा है। इनके अनुसार बुधवार का दिन पूजन के लिए बिल्कुल सही चुना गया है।
शिव प्रसाद ममगाई की बातों का समर्थन करते हुए एक अन्य ज्योतिषी आचार्य भरत राम तिवारी कहते हैं कि बुधवार 11 सितम्बर को किसी भी प्रकार का तिथि दोष नहीं है। वैसे भी केदारनाथ में पूजन की तिथि सब कुछ देखकर ही निकाली जाती है। षष्ठी तिथि और बुधवार का मिलन शुभ है। इस दिन बन रहा योग हर तरह से उत्तम है।