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Happy Birthday Sanjay Dutt: मुन्ना भाई का जन्मदिन आज, जानें खलनायक के ग्रहों का खेल

Thu, 29 Jul 2021 05:13 AM IST
विनोद शुक्ला आचार्य प्रवीन चौहान ,ज्योतिषाचार्य

सार

  • कला का कारक शुक्र केंद्रस्थ होकर 10वें भाव में बैठा है जिसके फलस्वरूप इनको कला के क्षेत्र से जोड़ता है और अभिनय की विशेष प्रतिभा देता है। शुक्र अपने शत्रु (सूर्य) के घर में मंगल के साथ विराजमान है जिसने इनको प्रेम संबंधों में डाला।
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संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959, मुंबई में महान अदाकारा नरगिस दत्त और सुनील दत्त के घर हुआ था। - फोटो : instagram/duttsanjay
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विस्तार
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बॉलीवुड के सुपरस्टार संजय दत्त का आज जन्मदिन है। आज यानी 29 जुलाई को संजय दत्त 62 साल के हो जाएंगे। संजू बाबा, मुन्ना भाई और खलनायक के नाम से मशहूर बॉलीवुड के सुपरस्टार "संजय दत्त" हिन्दी सिनेमा जगत में अपने बेहतरीन अभिनय की वजह से जाने जाते हैं। रॉकी (1981) से बतौर हीरो अपने करियर की शुरुआत करने वाले संजय दत्त ने अपने लंबे सफर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। दर्शकों ने उन्हें हर किरदार में पसंद किया है। उनकी कुछ फिल्मों ने लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है। जिनमें सड़क, खलनायक, नाम, साजन, वास्तव, मुन्ना भाई एमबीबीएस, लगे रहो मुन्ना भाई, अग्निपथ प्रमुख हैं, साथ ही 2018 में उनके जीवन पर बनी बायोपिक फिल्म संजु ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए। संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959, मुंबई में महान अदाकारा नरगिस दत्त और सुनील दत्त के घर हुआ था।
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नाम: संजय दत्त
जन्म तिथि: जुलाई 29, 1959
जन्म समय: 14:45:00
जन्म स्थान: मुंबई
लग्न- वृश्चिक, चंद्र राशि- वृष, महादशा- शनि, अंतरदशा- केतू, नक्षत्र- कृतिका।


अभिनेता संजय दत्त का जन्म वृष राशि, वृश्चिक लग्न व कृत्तिका नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ जिसमें चंद्र के उच्च के होने के कारण उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में ख्याति अर्जित की। संजय दत्त की जन्म कुंडली मे ग्रह इस प्रकार स्थित है:
  • लग्न वृश्चिक (8), शनि धनु राशि के होकर दूसरे भाव में, केतू मीन राशि के होकर 5वें भाव, चन्द्रमा वृष राशि के होकर 7वें भाव में, सूर्य और बुध कर्क राशि के होकर 9वें भाव में , शुक्र और मंगल सिंह राशि के होकर 10वें भाव में, राहू कन्या राशि के होकर 11वें भाव में और वृहस्पति तुला राशि के होकर 12वें भाव में स्थित है।
  • यदि संजय दत्त की कुंडली का विश्लेषण करें तो लग्न (शरीर) का स्वामी मंगल 9 अंश का प्रबल होकर कुंडली के दशम भाव में बैठा है। लग्नेश 10वें भाव में हो तो व्यक्ति अपने बलबूते पर अपनी सफलता अर्जित करता है। मंगल के दशम होने के कारण उनका शरीर मजबूत रहेगा, परंतु कुंडली के सप्तम भाव में चन्द्रमा मात्र 01 अंश का कमजोर होने के कारण वे भावुक हृदय के रहेंगे।
  • कला का कारक शुक्र केंद्रस्थ होकर 10वें भाव में बैठा है जिसके फलस्वरूप इनको कला के क्षेत्र से जोड़ता है और अभिनय की विशेष प्रतिभा देता है। शुक्र अपने शत्रु (सूर्य) के घर में मंगल के साथ विराजमान है जिसने इनको प्रेम संबंधों में डाला। केंद्रस्थ शुक्र के ही कारण संजय दत्त हमेशा अपने स्टाइल को लेकर सुर्ख़ियों में रहे। 90 के दशक में संजय दत्त अपने लंबे बालों को लेकर तो कभी कीमती घड़ियां व महंगी गाड़ियों को लेकर काफी चर्चा में बने रहे।
  • वृहस्पति का तुला राशि में होकर 12वें घर में होना एक अशुभ योग बनाता है जो कि इंसान को कोर्ट-कचहरी, जेल, मुकदमे के चक्करों में फंसाने वाली सभी संभावनायें पैदा कर देता है। संजय दत्त की कुंडली में वृहस्पति यही कार्य कर रहे हैं। गुरु की महादशा में 1998 से 2014 तक संजय दत्त ने जीवन में काफी उतार-चढ़ाव देखे।
  • 11वें घर में बैठा राहु अपनी महादशा और अंतरदशा में पारिवारिक, आर्थिक व सामाजिक जीवन में किसी न किसी रूप से विभिन्न प्रकार के बंधनों और मृत्युतुल्य कष्ट देता है। राहु की महादशा में इनकी माता का देहान्त हुआ था व गुरु की महादशा और राहू की अंतर दशा 2013 में थी जब संजू बाबा को सुप्रीम कोर्ट ने टाडा अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए संजय को सजा सुनाई थी।
  • धनु राशि स्थित वक्री शनि कुंडली के दूसरे भाव में विराजमान हैं। शनि की महादशा के अनुसार जोकि 2014 से 2033 तक उनके जीवन को प्रभावित करेगी। जिसमें इनको सेहत और सरकारी क्षेत्र मे थोड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सेहत की अगर बात करें तो इनको नसों व पेट से जुड़ी समस्याओं का विशेष ध्यान रखना होगा। संजू बाबा के जीवन में आए कष्ट मे वृहस्पति के साथ ही वक्री शनि व राहू ने बड़ी भूमिका निभाई। भाग्य भाव में स्थित "बुधआदित्य योग" ने न केवल विरासत में संपत्ति दी बल्कि रियल लाइफ में इनको ‘खलनायक’से नायक बनाया और जन सहयोग भी दिलाया।
  • वर्तमान में इनकी शनि की महादशा में शुक्र की अंतरदशा चल रही है जोकि 2024 तक प्रभावी होगी। जिसमें अपनी कला व मेहनत से संजू बाबा सफलता के नए झंडा गाड़ेंगे।संजू बाबा को आवश्यकता से अधिक भावुक प्रवृत्ति पर नियंत्रण करना अत्यंत फलदायक होगा। साथ ही वक्री शनि के लिए काली चीजों का दान करना लाभकारी होगा। उम्मीद करते है संजू बाबा का आगामी वर्ष स्वर्णिम हो और उनकी आने वाली फिल्मे भुज, शमशेरा, केजीएफ चैप्टर 2, पृथ्वीराज आदि बॉक्स ऑफिस पर सफल हो। साथ ही ईश्वर उन्हे दीर्घायु प्रदान करें।
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