मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि कुत्तों को किसी संकट के आने से पहले इसका आभास हो जाता है इसल
- फोटो : istock
शकुन शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के जीवन में एक नियमित अंतराल पर शुभ-अशुभ संकेत मिलते हैं। कुछ घटनाओं को शुभ तो कुछ तरह की घटनाओं को अशुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार जब भी अशुभ संकेत मिलते हैं तो व्यक्ति के जीवन में कुछ तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अक्सर आपने देखा होगा कि रात के समय आपके आप-पास रहने वाले कुत्ते अचानक से रोने की आवाज निकालने लगते हैं। कुत्तों के रोने की आवाज करने पर घर के बड़े बुजुर्गो उनको डांटकर चुप कराते हैं। अचानक से कुत्तों के रोने की आवाज को अशुभ संकेत माना जाता है। आइए जानते हैं कुत्ते के रोने की आवाज सुनाई देने पर किस-किस तरह के अशुभ संकेत मिलते हैं।
रात में कुत्तों के रोने के पीछे की वजह
जब भी रात के समय कुत्तों के रोने की आवाज आए तो इसे एक तरह का अशुभ संकेत माना जाता है। कुत्तों के रोने की आवाज निकालना किसी अनहोनी की तरफ इशारा होता है। ऐसी मान्यता है कि जिस किसी के घर के सामने कुत्ता रोता है उसके घर में उसे कोई अशुभ समाचार मिल सकता है। मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि कुत्तों को किसी संकट के आने से पहले इसका आभास हो जाता है इसलिए ये रोते हैं।
नकारात्मक ऊर्जा के होने के कारण
ऐसा माना जाता है कि रात के समय सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जाएं रहती हैं। कुत्तों को रात के समय फैली हुई नकारात्मक ऊर्जाओं का आभास हो जाता है जिसके चलते कुत्ता जोर से रोने की आवाजें निकालने लगता है। कुत्तों को जब भी रात के समय नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव का एहसास ज्यादा हो जाता है तो वे अपने आसपास मौजूद साथी कुत्तों को इस परेशानियों से अवगत करने के लिए संदेश भेजते हैं। इसके आलावा कुत्ते जब भी किसी दर्द में होते हैं या फिर किसी परेशानी में होते हैं तो अपने साथियों तक अपनी परेशानियों को बताने के लिए उन्हे अपने पास बुलाने की कोशिश करते हैं।
यह भी पढ़ें-