ज्योतिषशास्त्र के अनुसार व्यक्ति की कुंडली में तरह-तरह के दोष पाए जाते हैं। इन्हीं दोषों में एक दोष होता है मंगल दोष। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मांगलिक दोष ऐसा दोष होता है जिसके होने पर व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में बुरा प्रभाव पड़ता है। मांगलिक दोष होने पर जातक के दाम्पत्य जीवन में परेशानियां, बाधाएं, कलह, तनाव और तलाक आदि होने की संभावना बनी रहती है। मंगल दोष होने का सीधा संबंध मंगल ग्रह से होता है। ऐसी मान्यता है कि जिस व्यक्ति कि कुंडली में मंगल दोष रहता है उसे विवाह के लिए मंगली जीवनसाथी की ही तलाश करनी चाहिए। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह लग्न,चतुर्थ,सप्तम,अष्टम और द्वादश भाव में स्थित हो तो मंगल दोष बनता है। मंगलदोष के प्रभाव को कम करने या फिर खत्म करने के लिए कई तरह के ज्योतिषीय उपाय किए जाते हैं। आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं ये उपाय।