मूलांक व्यक्ति के जन्म की तारीख का योग होता है अर्थात् जिस तारीख को आपका जन्म हुआ होगा, उस तारीख का योग ही आपका मूलांक कहलाता है। अगर आपका जन्म 1 से 9 तारीख के बीच हुआ है तो आपका मूलांक यही होगा। वही अगर 10 से 31 के बीच किसी तारीख को आपका जन्म हुआ है तो इन दोनों अंको का योग ही आपका मूलांक कहलाता है। जैसे यदि आपका जन्म 24 तारीख को हुआ है तो मूलांक 6 होगा।
स्वभाव
इस मूलांक से प्रभावित जातक विनम्र, विश्वासपात्र एवं परोपकारी होते हैं। कला, संगीत, साहित्य एवं सौन्दर्य के प्रति जन्मजात लगाव होता है। लक्ष्य प्राप्ति में इनकी चंचलता विलंब का कारण बनती है। जीवन के ३३वें वर्ष में ये जातक लक्ष्य प्राप्ति में सफल होते हैं। जीवन में आर्थिक संकट प्राय: बना रहता है। बातचीत में ये जातक निपुण होते हैं। सहयोग, प्रेम आदि विशिष्ट गुणों के कारण ये जातक समाज में अपनी पहचान बनाने में सफल होते हैं।
इस वर्ष में मिलने वाली सफलताएं
धैर्य बनाए रखने पर यह वर्ष सफलता की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण वर्ष सिद्ध होगा। चली आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। मन में आशा और उत्साह का संचार होगा। अटकी योजनाएं पूर्णं होगी। वाहन या मकान पर व्यय होगा। विदेश यात्रा का अवसर मिल सकता है। शादी विवाह की दृष्टि से वर्ष अनुकूल रहेगा। संतान सुख में वृद्धि होगी। रोजगारपरक परीक्षाओं में सफलता एवं शिक्षा, इंजीनियरिंग, एनीमेशन, संगीत, केमिस्ट, पैरा मेडि़कल आदि क्षेत्रों में करियर बनाने के अवसर मिलेंगे। व्यावसायिक दृष्टि से वर्ष लाभकारी रहेगा। इस वर्ष किसी नए व्यवसाय का श्रीगणेश हो सकता है। राजकीय क्षेत्र में सेवारत जातकों को अनुकूल स्थानांतरण या प्रमोशन का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से वर्ष शुभ रहेगा।