बकाई रोट भी फल सड़न रोग का अंग है। इसकी पहचान टमाटर के फल में बकरे की आंख की तरह निशान से की जा सकती है। यदि फसल में पीलापन नजर आए तो इससे भी सड़न रोग का पता लगाया जा सकता है। पत्तों के पीले पड़ने से भी रोग की पहचान की जा सकती है।
ऐसे करें उपचार
टमाटर की फसल में सड़न रोग को दूर करने के लिए टमाटर की फसल में सिंचाई की सही व्यवस्था होना अनिवार्य है। यदि फल में सड़न रोग लग जाए तो कृषि विशेषज्ञों की सलाह से कीटनाशक का छिड़काव करें। कृषि विभाग ने बकाई रोट के लगने पर रिडोमिल एम जेड का छिड़काव करने की सलाह दी है।
टमाटर में फल सड़न रोग का खतरा आम बात है। यदि इसका उपचार समय पर न किया जाए तो यह रोग अधिक फैल सकता है। यह पूरी फसल को भी नष्ट कर सकता है। - मोहेंद्र सिंह भवानी, जिला कृषि अधिकारी