फतेहाबाद के गांव धारनिया के प्रगतिशील किसान नरेन्द्र पाली हाउस में बेमौसमी सब्जियां उगाकर संरक्षण खेती कर रहे हैं। आधा एकड़ में खीरा तथा 1 कनाल में विभिन्न सब्जियों की पौध लगाकर इस बार उसने करीब सात लाख रुपये का मुनाफा कमाया। संरक्षण खेती के कारण न केवल बागवानी विभाग बल्कि आसपास के किसान भी उनसे खासे प्रभावित हैं। इस बार नरेन्द्र ने करीब 170 क्विंटल खीरे की फसल ली व 4 लाख रुपये की बे मौसमी सब्जियां बेचकर लाभ उठाया।
नरेन्द्र कुमार ने बताया कि उसने बीए की शिक्षा ग्रहण करने के बाद अपनी पुश्तैनी 12 एकड़ जमीन संभाली। परंपरागत खेती करने लगा तो उसे कोई खास बचत नजर नहीं आई। वह किसी तरीके से पॉली हाउस के संपर्क में आया तो बागवानी विभाग ने उसकी मदद की। दिसंबर में उसने 3 कनाल में खीरे की बिजाई की व एक कनाल में नर्सरी की पौध लगाई। मई महीने में खीरा बाजार में आया तो उसे 48 रुपये से लेकर 17 रुपये तक प्रति किलोग्राम तक भाव मिला।
उसने फतेहाबाद, आदमपुर, भट्टू व बरवाला की मंडियों में स्वयं जाकर खीरा बेचा और उसे 3 लाख रुपये का लाभ मिला। एक कनाल में उसने मिर्च, टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, घीया, तोरी, करेला, पेठा व तर काकड़ी 10 प्रकार की सब्जियों की पौध तैयार की। जनवरी में उसने पौध के लिए बीज डाला। ऑफ सीजन में डाला गया बीज से 2 माह में पौध तैयार हुई। फरवरी में उसने किसानों को इस पौध को बेच दिया, जिससे उसे 4 लाख रुपये की आय हुई।