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Congenital Heart Surgery: समय से पूर्व जन्मी बच्ची की जीवनरक्षक हार्ट सर्जरी, डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

Tue, 12 Aug 2025 08:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव मार्केटिंग डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • समय से पहले जन्मी एक नवजात बच्ची ने ट्रांसपोजिशन ऑफ ग्रेट आर्टरीज (TGA) नामक जटिल जन्मजात हृदय रोग के लिए लखनऊ स्थित टेंडर पॉम हॉस्पिटल लाया गया था जहां उसकी अनुभवी कार्डियक टीम की देखरेख में सफल ओपन-हार्ट सर्जरी की गई।
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टेंडर पॉम हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने की सफल हार्ट सर्जरी - फोटो : Shared
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विस्तार
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मातृत्व किसी भी महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है। हालांकि गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और खानपान से संबंधित दिक्कतों ने इस सुख से लाखों दंपत्तियों को वंचित रखा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसा ही एक मामला देखा गया है जहां दंपत्ति को इस सुख के लिए 12 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा। ये सुख मिला भी तो नवजात का जन्म समय पूर्व हुआ और उसे हार्ट से संबंधित समस्या भी थी। हालांकि डॉक्टर्स की टीम ने चिकित्सा कौशल की मिसाल पेश करते हुए न सिर्फ नवजात की जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की बल्कि बच्ची को स्वस्थ करके छुट्टी दे दी।
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 2 किलोग्राम वजन की समय से पहले जन्मी नवजात बच्ची को ट्रांसपोजिशन ऑफ ग्रेट आर्टरीज (TGA) नामक जटिल जन्मजात हृदय रोग के लिए लखनऊ स्थित टेंडर पॉम हॉस्पिटल लाया गया था जहां उसकी अनुभवी कार्डियक टीम की देखरेख में सफल ओपन-हार्ट सर्जरी की गई। एक महीने की गहन चिकित्सा देखभाल के बाद बच्ची को स्वस्थ स्थिति में छुट्टी दे दी गई।

नवजात को थी हृदय की दुर्लभ बीमारी

कानपुर के एक दंपत्ति ने 18 मई 2025 को बेटी को जन्म दिया। यह उनके 12 वर्षों के कठिन इंतजार के बाद मातृत्व का सुख था। बच्ची का जन्म गर्भावस्था के आठवें महीने में हुआ, लेकिन जन्म के तुरंत बाद पता चला कि उसे ट्रांसपोजिशन ऑफ ग्रेट आर्टरीज (TGA) नामक एक दुर्लभ हृदय रोग है। ये हर 5,000 नवजात शिशुओं में से एक को प्रभावित करता है। इलाज के लिए टेंडर पॉम हॉस्पिटल आई नवजात अब पूरी तरह से स्वस्थ है। 
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डॉक्टर्स की टीम ने की सफल सर्जरी (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com
क्या है ये बीमारी?

अस्पताल में  पीडियाट्रिक कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के  वरिष्ठ डॉक्टर विजय अग्रवाल ने बताया-
 
टीजीए की स्थिति में महाधमनी और पल्मोनरी धमनी (Pulmonary Artery) अपनी सामान्य जगहों से उलट हो जाती हैं। इसका मतलब है कि शरीर में ऑक्सीजन रहित रक्त घूमता रहता है और ऑक्सीजन युक्त रक्त फेफड़ों में ही वापस चला जाता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसके लिए तुरंत सर्जरी आवश्यक होती है।

बच्ची की आर्टेरियल स्विच ऑपरेशन नामक जटिल सर्जरी की गई, जो लगभग 11 घंटे तक चली। इस दौरान कई तकनीकी चुनौतियां आईं, साथ ही बच्ची को निमोनिया और सेप्सिस जैसी जटिलताएं भी थीं। फिर भी चिकित्सा दल ने पूरे समर्पण और सावधानी के साथ इलाज किया और बच्ची ने हर बाधा को पार कर लिया।

डॉक्टर ने बताया अब बच्ची स्वयं सांस ले रही है, मुंह से दूध पी रही है और स्वस्थ होने के स्पष्ट संकेत दिखा रही है। शुरुआती कठिनाइयों के बावजूद अब वह सामान्य जीवन जी सकती है।
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