मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू
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बिलासपुर के कंदरौर पुल से हमीरपुर के बीच करीब 45 किलोमीटर नेशनल हाईवे को कागजों में ही चौड़ा करने व घटिया सामग्री इस्तेमाल करने के मामले में एनएच का काम देख रहे लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों और अफसरों पर गाज गिरना तय है। सोमवार को सरकार के ध्यान में एनएच घोटाला सामने आने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय शिमला के क्षेत्रीय अधिकारी विपनेश शर्मा ने चीफ इंजीनियर नेशनल हाईवे को अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।
इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव लोनिवि, प्रमुख अभियंता परियोजना को भी भेजी गई है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में मंत्रालय का शिमला कार्यालय भी संदेह के घेरे में है। उधर, प्रधान सचिव (लोक निर्माण विभाग) जेसी शर्मा ने कहा कि कंदरौर-हमीरपुर एनएच का मामला गंभीर है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। घटिया निर्माण को लेकर ‘अमर उजाला’ ने 30 दिसंबर को ‘एनएच कागजों में कर दिया चौड़ा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद सचिवालय और लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मचा है।
केंद्र ने इस हाईवे को चौड़ा करने के लिए 280 करोड़ रुपये जारी किए थे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन गठित क्वालिटी कंट्रोल सेल ने इस निर्माण में हुई कथित धांधली की जांच की। मौके का निरीक्षण भी किया। जांच में कई तरह की खामियों को उजागर किया। सवाल यह है कि जब घटिया कार्य हुआ तो उस समय अफसर कहां थे, क्यों काम को रोका नहीं गया। सूत्रों के अनुसार ठेकेदार को उचित लाभ पहुंचाने के लिए यह कारनामा किया गया।
चार्जशीट हो सकते हैं तीन अफसर
इस पूरे प्रकरण में तीन अफसरों को चार्जशीट किया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि इसमें चीफ इंजीनियर एनएच, अधीक्षण और अधिशासी अभियंता शामिल हैं।
छुट्टी पर हूं, वापस आकर होगा एक्शन : कुंडू
मुख्यमंत्री प्रधान सचिव संजय कुंडू ने बताया कि मैं अभी छुट्टी पर हूं। दो तीन दिन बाद ऑफिस आकर मामले में एक्शन होगा।