हमीरपुर। अपनी अरदास हर किसी के आगे नहीं रखना चाहिए। लोगाें को दूसरों की बुराई उछालने में मजा आता है। जबकि निरंकारी संत महात्मा उस पर पर्दा डालकर मर्यादा को बचाते है और सतगुरु से सच्चे दिल से अरदास कर सुख शांति की प्रार्थना करते है।
यह बात रविवार को संत निरंकारी सत्संग भवन में महात्मा क्रंातिकुमार ने कही। उन्होंने कहा कि निरंकारी का दरबार सत्य का दरबार है। यहां सच्चे मन से की गई अरदास पूरी होती है। एक ओर दुख दुनिया के एक ओर सुख सारे है। उधर तो हैं दुनिया वाले इधर प्रभु के प्यारे है। कहा कि संसार में दुखाें की कमी नहीं है। इसका नजारा अस्पतालों में देखने को मिलता है। हर मर्ज के डाक्टरों के सामने मरीजों की लंबी लंबी लाइनें रहती है। यह वही लोग है जो संसार में अज्ञानता वश अहंकार वश जीवन जीते है। इस मौके पर गयादीन, सुहागवती, सविता तिवारी, देशराज रचनाकर, राधा गुप्ता, राजेश्वरी दुबे, अंजना निगम सहित सैकड़ो भक्त मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद लंगर प्रसाद की व्यवस्था की गई। जिसे श्रद्धालुओं ने जमकर छका।