बदायूं। लोकसभा निर्वाचन में पुलिस द्वारा गुंडा एक्ट में निरुद्ध शहर का एक गुंडा तारीख लेने के बहाने एडीएम कोर्ट से फाइलें लेकर भाग निकला। एडीएम कोर्ट के कर्मचारी भी उसके पीछे शोर मचाते हुए भागे। नजारत के बाहर खड़े कर्मचारियों की सहायता से इसे दबोच लिया गया और ठुकाई के बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अहलमद की ओर से आरोपी गुंडा के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसका चालान कर दिया है।
बुधवार को एडीएम (प्रशासन) मनोज कुमार का कोर्ट खुला हुआ था। बताया गया था कि एडीएम आज कोर्ट में सुनवाई करेंगे, लेकिन बाद में एडीएम की सूचना आई कि वह दातागंज किसी मसले में गए हुए हैं। कोर्ट के कर्मचारी अपनी-अपनी फाइलें संभालने में व्यस्त थे। इसी बीच पूर्वाह्न 11 बजे शहर के कोतवाली क्षेत्र कटरा ब्राह्मपुर निवासी मुईनउद्दीन उर्फ मोनी यहां पहुंचा। इस पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई कोतवाली पुलिस ने लोकसभा चुनाव के दौरान की थी। इसी की तारीख के सिलसिले में वह यहां पहुंचा था।
आरोप है कि जब एडीएम कोर्ट के कर्मचारी फाइलें देख रहे थे, इसी मौके पर मुईनउद्दीन अपनी फाइल और साथ में दो-तीन अन्य फाइलें लेकर भाग खड़ा हुआ। अचानक हुई इस घटना को लेकर अहलमद यासीन, कर्मचारी अभिषेक और पेशकार भी उसके पीछे दौड़े। शोर सुनकर एडीएम कोर्ट के बाहरी परिसर में नजारत के कर्मचारी और कुछ अन्य लोग बाहर खड़े थे। उन्होंने मिलकर उसे मय फाइलों के साथ दबोच लिया। फाइलें फाड़ने का प्रयास भी पकड़ने वालों ने सफल नहीं होने दिया। दरअसल, मुईन चाहता था कि फाइलें लेकर भाग जाएगा तो उससेे गुंडा एक्ट खत्म हो जाएगी। लोगों ने उसकी पिटाई भी कर दी। कोर्ट में लाकर थाना सिविल लाइंस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। बाद में अहलमद यासीन की ओर से मुईन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
कलेक्ट्रेट में कड़ी की जाएगी सुरक्षा व्यवस्था
कलेक्ट्रेट में पहली बार इस प्रकार की घटना होने के बाद डीए सीपी त्रिपाठी को भी इससे अवगत कराया गया है। डीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के इंतजामों की बेहतर व्यवस्था बनाने को कहा है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्ट्रेट अधिकारियों के साथ देर रात एक बैठक भी की।