बदायूं। देश की सबसे बड़ी पंचायत में हंगामा तो आम बात है लेकिन जब सांसद ही अमर्यादित व्यवहार करें और संसद को सड़क बना दें तो देश की साख खराब होगी ही। गुरुवार को संसद में हंगामा और मिर्ची कांड के बाद चाहे राजनेता हों या फिर बुद्धिजीवी या युवा सभी हैरान हैं। लोगों का मानना है कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में सांसदों के अमर्यादित आचरण से देश अपमानित हुआ है। विधानसभा हो या लोकसभा यहां जो फैसले लिए जाते हैं वह कानून बन जाते हैं लेकिन कानून बनाने वाले ही जब कानून की बखिया उधेड़ते हैं तो हैरानी होना लाजिमी है।
बोले राजनेता---
यह घटना लोकतंत्र के लिए काला अध्याय
यह घटना लोकतंत्र के लिए काला अध्याय है। जो लोग इसके पीछे कांग्रेस का हाथ होने की बात कर रहे हैं वह झूठे हैं। अब जनता को भी ये सोचना चाहिए कि वह संसद में ऐसे लोगों को क्यों भेजती है जो लोकतंत्र को शर्मसार करने का काम करते हैं। -ओमकार सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
कांग्रेस ने देश और संसद को शर्मसार किया
ये सब कांग्रेस की साजिश है। कांग्रेस के दोहरे चरित्र की वजह से ही देश और संसद को शर्मसार होना पड़ा। तेलंगाना मुद्दे पर कांग्रेस संसद के भीतर कुछ और कहती है और बाहर कुछ और। लोकसभा चुनाव नजदीक आने पर ही तेलंगाना बिल को संसद में पेश क्यों किया गया। -प्रेमस्वरूप पाठक, जिलाध्यक्ष भाजपा
भाजपा, कांग्रेस ने देश को डुबाया
कांग्रेस और भाजपा ने एक बार नहीं बार-बार संसद की गरिमा से खिलवाड़ किया है। संसद के भीतर कभी नोटों के बंडल जाते हैं तो कभी मिर्ची। कानून बनाने वाले ही कानूनी की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस बात को जनता जान चुकी है।-डॉ. क्रांति कुमार, जिलाध्यक्ष बसपा
जनता अब नहीं आएगी बहकावे में
अब देश की जनता लोकतंत्र को शर्मसार करने वालों के बहकावे में नहीं आएगी। भाजपा और कांग्रेस की जुगलबंदी को सब समझ चुके हैं। मिर्ची कांड इसी का नतीजा है। बसपा भी इसमें शामिल है। आने वाला लोकसभा चुनाव इन राजनीतिक दलों को सबक सिखाएगी। केंद्र में अब सपा की सरकार बनेगी।
-बनवारी सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
हैरान हैं बुद्घिजीवी
और कितना शर्मसार करोगे
देश को चलाने वाले ही जब देश और संसद को शर्मसार करेंगे तो क्या होगा। लोकसभा में मिर्चीकांड पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी हमारे माननीय अमर्यादित आचरण से संसद को शर्मसार कर चुके हैं। -महेश चंद्र शर्मा
लोकतंत्र के लिए ये शुभ नहीं
संसद में जो कुछ हो रहा है वह लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है। कहते हैं कि समय के साथ लोकतंत्र मजबूत होता जाता है लेकिन हमारे यहां तो इससे विपरीत हो रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है। -डॉ. योगेश्वर सिंह
बुरे लोगों की मानसिकता नहीं बदलती
बुरे लोगों की मानसिकता नहीं बदलती। उनको जब मौका मिलता है वह अमर्यादित आचरण करने से नहीं चूकते। देश की जनता को ये समझना होगा कि अच्छे लोग ही संसद पहुंचे। ताकि देश शर्मसार न हो। -डॉ. कंचन लता
ऐसे तो बार-बार देश शर्मसार होगा
ऐसे तो देश बार-बार शर्मसार होता रहेगा। देश के लोगों को विचार करना होगा कि कैसे लोगों को संसद और विधानसभा तक भेजा जाए। लोकतंत्र को सींचने वालों को या फिर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को कलंकित करने वालों को। -डॉ. उमा सिंह गौर