Indore: ब्लड कैंसर से पीडि़त पिता ने बेटे को जहर देखकर खुद लगा ली फांसी, पत्नी की हो चुकी है मौत
परिजनों ने बताया कि बबलेश उसकी पत्नी और बेटे को टीबी हो चुकी थी। पिता और बेटा तो ठीक हो गए थे, लेकिन पत्नी को पिलिया भी हो गया था। उसकी तीन माह पहले मौत हो गई थी। बाद में बबलेश को डाक्टर ने ब्लड कैंसर भी बताया।
इंदौर के गोमा की फेल क्षेत्र में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। उसने फांसी लगाने से पहले अपने चार साल के बेटे को जहर देकर मार डाला। युवक को ब्लड कैंसर था। उसे चिंता थी कि उसकी मौत के बाद बेटे को ठीक से कोई संभाल नहीं पाएगा, क्योकि तीन माह पहले बीमारी से उसकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार को बबलेश उर्फ बबलू पिता तान्दाड़ ने आत्महत्या कर ली। उससे पहले पहले उसने अपने चार साल के बेटे हरमन को जहर दिया। जब उसे लगा कि बेटे की मौत हो चुकी है तो फिर खुद फांसी पर झूल गया।
परिजनों ने बताया कि बबलेश उसकी पत्नी और बेटे को टीबी हो चुकी थी। पिता और बेटा तो ठीक हो गए थे, लेकिन पत्नी को पिलिया भी हो गया था। उसकी तीन माह पहले मौत हो गई थी। बाद में बबलेश को डाक्टर ने ब्लड कैंसर भी बताया। बबलेश ने एक सुसाइड नोट भी लिखा। जिसमें कहा कि उसे ब्लड कैंसर हो गया है। उसके पास ज्यादा समय नहीं बचा है। मेरी मौत के बाद बेटे का ध्यान कौन रखेगा। इस कारण उसे भी मैं अपने साथ ले जा रहा हूं। 10 मई को बबलेश ने अपने बेटे का धूमधाम से जन्मदिन भी मनाया था।
जब बबलेश ने घर पर फांसी लगाई तब घर पर दृष्टिहीन पिता भी थे। उन्हें पता न चले। इस कारण बबलेश ने तेज आवाज में संगीत बजा दिया था। छोटो भाई योगेश घर पहुंचा तो उनसे देखा कि भतीजा फर्श पर पड़ा है। बबलेश को उसने फांसी के फंदे पर लटके देखा। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
विस्तार
इंदौर के गोमा की फेल क्षेत्र में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। उसने फांसी लगाने से पहले अपने चार साल के बेटे को जहर देकर मार डाला। युवक को ब्लड कैंसर था। उसे चिंता थी कि उसकी मौत के बाद बेटे को ठीक से कोई संभाल नहीं पाएगा, क्योकि तीन माह पहले बीमारी से उसकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार को बबलेश उर्फ बबलू पिता तान्दाड़ ने आत्महत्या कर ली। उससे पहले पहले उसने अपने चार साल के बेटे हरमन को जहर दिया। जब उसे लगा कि बेटे की मौत हो चुकी है तो फिर खुद फांसी पर झूल गया।
परिजनों ने बताया कि बबलेश उसकी पत्नी और बेटे को टीबी हो चुकी थी। पिता और बेटा तो ठीक हो गए थे, लेकिन पत्नी को पिलिया भी हो गया था। उसकी तीन माह पहले मौत हो गई थी। बाद में बबलेश को डाक्टर ने ब्लड कैंसर भी बताया। बबलेश ने एक सुसाइड नोट भी लिखा। जिसमें कहा कि उसे ब्लड कैंसर हो गया है। उसके पास ज्यादा समय नहीं बचा है। मेरी मौत के बाद बेटे का ध्यान कौन रखेगा। इस कारण उसे भी मैं अपने साथ ले जा रहा हूं। 10 मई को बबलेश ने अपने बेटे का धूमधाम से जन्मदिन भी मनाया था।
जब बबलेश ने घर पर फांसी लगाई तब घर पर दृष्टिहीन पिता भी थे। उन्हें पता न चले। इस कारण बबलेश ने तेज आवाज में संगीत बजा दिया था। छोटो भाई योगेश घर पहुंचा तो उनसे देखा कि भतीजा फर्श पर पड़ा है। बबलेश को उसने फांसी के फंदे पर लटके देखा। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।