सुखोई-30 से राफेल तक: असम हाईवे एयरस्ट्रिप पर वायुसेना का पराक्रम, चीनी सीमा के पास भारतीय वीरों ने दिखाया दम
प्रधानमंत्री मोदी ने मोरान बाईपास पर बनी 4.2 किमी लंबी हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम मोदी ने भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों का शानदार प्रदर्शन देखा। जहां सुखोई-30, राफेल और AN-32 समेत 16 विमानों ने मात्र 20 मिनट में टेकऑफ और लैंडिंग का पराक्रम दिखाया।
अपने असम दौरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरान बाईपास पर बनी 4.2 किलोमीटर लंबी हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन किया। पीएम मोदी नई दिल्ली से चाबुआ एयरफोर्स बेस पहुंचे और वहीं से एयरस्ट्रिप पर उतरकर प्रदर्शन का जायजा लिया। यह एयरस्ट्रिप आपात स्थितियों में फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर के लिए वैकल्पिक रनवे का काम करेगी। इस दौरान डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) पर भारतीय वायुसेना ने अपने जांबाज लड़ाकू विमानों का अद्भुत हवाई प्रदर्शन दिखाया।
यह ईएलएफ पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जो आपात परिस्थितियों में फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर के लिए वैकल्पिक रनवे का काम करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस हवाई प्रदर्शन का सीधे निरीक्षण किया। प्रदर्शन में वायुसेना के राफेल, सुखोई, डॉर्नियर और एएन-32 जैसे विमान शामिल थे, जिन्होंने मोरान बाईपास पर विमान टेकऑफ, फ्लाईपास और टचडाउन का शानदार प्रदर्शन किया।
वायुसेना के पायलटो का सटीक टेकऑफ और लैंडिग का प्रदर्शन
इस हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायुसेना के पायलटों ने ईएलएफ पर सटीक टेकऑफ और लैंडिंग का प्रदर्शन किया। सबसे पहले सुखोई-30 एमकेआई ने उड़ान भरी, इसके बाद राफेल विमान ने टेकऑफ किया। वायुसेना का ‘वर्कहॉर्स’ AN-32 हेलीकॉप्टर, जो कार्गो और यात्रियों दोनों के परिवहन के लिए इस्तेमाल होता है, ने ‘टच एंड गो’ का प्रदर्शन किया।
इसके बाद सुखोई और राफेल के तीन-तीन विमानों ने मोरान के आकाश में तेजी से उड़ान भरी। एक-एक सुखोई और राफेल ईएलएफ पर लैंड हुए, जबकि अन्य विमानों ने ओवरशूट प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ने विशेष हेली-बोर्न ऑपरेशन (एसएचबीओ) का प्रदर्शन किया, जिसमें कमांडो को एयरस्ट्रिप पर उतारा गया। वहीं, अन्य एएलएच हेलीकॉप्टरों ने राहत कार्य और मेडिकल इवैक्यूएशन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
सीएम सरमा ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि यह ईएलएफ पर पहली बार इतना बड़ा और विस्तृत अभ्यास था, जिसमें लगभग 16 विमान शामिल थे। उन्होंने कहा कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस ईएलएफ को भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर इस तरह डिजाइन और बनाया गया है कि आपात स्थितियों में सैन्य और नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ सुरक्षित तरीके से हो सके।
दिखी भारतीय वायुसेना की कुशलता
इस एयरशो ने न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत और कुशलता दिखाई, बल्कि यह भी दर्शाया कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए भारतीय वायुसेना हमेशा तैयार है। चीनी सीमा से मात्र 300 किलोमीटर दूर यह हाईवे एयरस्ट्रिप रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और प्राकृतिक आपदा, युद्ध या अन्य आपात स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएगी।
बता दें कि डिब्रूगढ़ का यह एयरशो देशभक्ति की भावना को और प्रबल कर गया, क्योंकि हर भारतीय ने अपने वीर जवानों और वायुसेना के अदम्य साहस को नजदीक से देखा और गर्व महसूस किया। यह दिखाता है कि भारत की रक्षा में हमारी वायुसेना हर समय सतर्क और सशक्त है।
4.2 किलोमीटर लंबी यह हवाई पट्टी की खासियत
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी 4.2 किलोमीटर लंबी यह हवाई पट्टी पूर्वोत्तर की पहली ऐसी सुविधा है, जहां से आपात स्थितियों में वायुसेना के लड़ाकू व परिवहन विमानों का संचालन किया जा सकेगा। मोरान बाईपास पर तैयार की गई यह सुविधा दूरदराज के क्षेत्रों में मानवीय सहायता व आपदा राहत अभियानों के दौरान भी अहम साबित होगी। यह पट्टी राफेल और सुखोई जैसे 40 टन वजनी लड़ाकू विमानों और 74 टन तक भारी मालवाहक विमानों का वजन सह सकती है। मोरान बाईपास पर स्थिति यह हवाई पट्टी रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चीन सीमा के बहुत करीब हैं। यहां चाबुआ और तेजपुर जैसे मुख्य एयरबेस है, जहां तकनीकी समस्या होने पर इन पट्टियों से भी दुश्मन को जवाब दिया जा सकता है।
5,450 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात
पीएम मोदी दोपहर 1:30 बजे गुवाहाटी के लचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य कनेक्टिविटी को गति देना, डिजिटल अवसंरचना मजबूत करना, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन में सुधार करना है।
ब्रह्मपुत्र पर बने सेतु का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ से निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। इस 6 लेन के सेतु से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा। इस इलाके की भूकंपीयता को देखते हुए, पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग का इस्तेमाल करके बेस आइसोलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
टिकाऊपन और लंबे समय तक चलने वाले स्ट्रक्चरल परफॉर्मेंस को पक्का करने के लिए हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल का इस्तेमाल किया गया है।
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इसके बाद पीएम कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के अत्याधुनिक राष्ट्रीय डाटा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। इनके अलावा पीएम आईआईएम गुवाहाटी का उद्घाटन भी करेंगे। साथ ही वह पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) में कुल 225 इलेक्ट्रिक बसों को रवाना करेंगे। इससे 50 लाख से ज्यादा नागरिकों को किफायती सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
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अपने असम दौरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरान बाईपास पर बनी 4.2 किलोमीटर लंबी हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन किया। पीएम मोदी नई दिल्ली से चाबुआ एयरफोर्स बेस पहुंचे और वहीं से एयरस्ट्रिप पर उतरकर प्रदर्शन का जायजा लिया। यह एयरस्ट्रिप आपात स्थितियों में फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर के लिए वैकल्पिक रनवे का काम करेगी। इस दौरान डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) पर भारतीय वायुसेना ने अपने जांबाज लड़ाकू विमानों का अद्भुत हवाई प्रदर्शन दिखाया।
यह ईएलएफ पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जो आपात परिस्थितियों में फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर के लिए वैकल्पिक रनवे का काम करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस हवाई प्रदर्शन का सीधे निरीक्षण किया। प्रदर्शन में वायुसेना के राफेल, सुखोई, डॉर्नियर और एएन-32 जैसे विमान शामिल थे, जिन्होंने मोरान बाईपास पर विमान टेकऑफ, फ्लाईपास और टचडाउन का शानदार प्रदर्शन किया।
#WATCH | Assam: Air display by Indian Air Force's fighter jets at the Emergency Landing Facility (ELF) on Moran Bypass in Dibrugarh. PM Narendra Modi and others watch the air display.
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(Video: DD) pic.twitter.com/tfxTkLPrf7 — ANI (@ANI) February 14, 2026
वायुसेना के पायलटो का सटीक टेकऑफ और लैंडिग का प्रदर्शन
इस हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायुसेना के पायलटों ने ईएलएफ पर सटीक टेकऑफ और लैंडिंग का प्रदर्शन किया। सबसे पहले सुखोई-30 एमकेआई ने उड़ान भरी, इसके बाद राफेल विमान ने टेकऑफ किया। वायुसेना का ‘वर्कहॉर्स’ AN-32 हेलीकॉप्टर, जो कार्गो और यात्रियों दोनों के परिवहन के लिए इस्तेमाल होता है, ने ‘टच एंड गो’ का प्रदर्शन किया।
इसके बाद सुखोई और राफेल के तीन-तीन विमानों ने मोरान के आकाश में तेजी से उड़ान भरी। एक-एक सुखोई और राफेल ईएलएफ पर लैंड हुए, जबकि अन्य विमानों ने ओवरशूट प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ने विशेष हेली-बोर्न ऑपरेशन (एसएचबीओ) का प्रदर्शन किया, जिसमें कमांडो को एयरस्ट्रिप पर उतारा गया। वहीं, अन्य एएलएच हेलीकॉप्टरों ने राहत कार्य और मेडिकल इवैक्यूएशन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
सीएम सरमा ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि यह ईएलएफ पर पहली बार इतना बड़ा और विस्तृत अभ्यास था, जिसमें लगभग 16 विमान शामिल थे। उन्होंने कहा कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस ईएलएफ को भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर इस तरह डिजाइन और बनाया गया है कि आपात स्थितियों में सैन्य और नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ सुरक्षित तरीके से हो सके।
दिखी भारतीय वायुसेना की कुशलता
इस एयरशो ने न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत और कुशलता दिखाई, बल्कि यह भी दर्शाया कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए भारतीय वायुसेना हमेशा तैयार है। चीनी सीमा से मात्र 300 किलोमीटर दूर यह हाईवे एयरस्ट्रिप रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और प्राकृतिक आपदा, युद्ध या अन्य आपात स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएगी।
#WATCH | Assam: Indian Air Force's Rafale took off from the Emergency Landing Facility (ELF) on Moran Bypass in Dibrugarh. PM Narendra Modi and others watched the take off.
— ANI (@ANI) February 14, 2026
Video: DD) pic.twitter.com/aYCApjlgJC
बता दें कि डिब्रूगढ़ का यह एयरशो देशभक्ति की भावना को और प्रबल कर गया, क्योंकि हर भारतीय ने अपने वीर जवानों और वायुसेना के अदम्य साहस को नजदीक से देखा और गर्व महसूस किया। यह दिखाता है कि भारत की रक्षा में हमारी वायुसेना हर समय सतर्क और सशक्त है।
4.2 किलोमीटर लंबी यह हवाई पट्टी की खासियत
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी 4.2 किलोमीटर लंबी यह हवाई पट्टी पूर्वोत्तर की पहली ऐसी सुविधा है, जहां से आपात स्थितियों में वायुसेना के लड़ाकू व परिवहन विमानों का संचालन किया जा सकेगा। मोरान बाईपास पर तैयार की गई यह सुविधा दूरदराज के क्षेत्रों में मानवीय सहायता व आपदा राहत अभियानों के दौरान भी अहम साबित होगी। यह पट्टी राफेल और सुखोई जैसे 40 टन वजनी लड़ाकू विमानों और 74 टन तक भारी मालवाहक विमानों का वजन सह सकती है। मोरान बाईपास पर स्थिति यह हवाई पट्टी रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चीन सीमा के बहुत करीब हैं। यहां चाबुआ और तेजपुर जैसे मुख्य एयरबेस है, जहां तकनीकी समस्या होने पर इन पट्टियों से भी दुश्मन को जवाब दिया जा सकता है।
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5,450 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात
पीएम मोदी दोपहर 1:30 बजे गुवाहाटी के लचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य कनेक्टिविटी को गति देना, डिजिटल अवसंरचना मजबूत करना, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन में सुधार करना है।
ब्रह्मपुत्र पर बने सेतु का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ से निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। इस 6 लेन के सेतु से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा। इस इलाके की भूकंपीयता को देखते हुए, पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग का इस्तेमाल करके बेस आइसोलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
टिकाऊपन और लंबे समय तक चलने वाले स्ट्रक्चरल परफॉर्मेंस को पक्का करने के लिए हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल का इस्तेमाल किया गया है।
#WATCH | Guwahati, Assam: Aerial visuals of Kumar Bhaskar Varma Setu across River Brahmaputra, that will be inaugurated by Prime Minister Narendra Modi today.
The 6-lane extradosed Prestressed Concrete (PSC) bridge, built at a cost of around Rs 3,030 crore, connects Guwahati… pic.twitter.com/olK5NXpVqF
— ANI (@ANI) February 14, 2026
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इसके बाद पीएम कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के अत्याधुनिक राष्ट्रीय डाटा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। इनके अलावा पीएम आईआईएम गुवाहाटी का उद्घाटन भी करेंगे। साथ ही वह पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) में कुल 225 इलेक्ट्रिक बसों को रवाना करेंगे। इससे 50 लाख से ज्यादा नागरिकों को किफायती सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
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