Bihar Diwas 2026 : बिहार दिवस समारोह के खर्च जानकर हैरान हो जाएंगे; कब से हो रहा, इस बार क्या-कहां?
Bihar Diwas Status : 22 मार्च को बिहार दिवस समारोह मनाने की परंपरा इसी सदी में शुरू हुई, जबकि यह प्रांत 1912 में ही अस्तित्व में आया था। कैसे यह समारोह, कब शुरू हुआ और इस बार इस समारोह पर कितना खर्च हो रहा; जानें सबकुछ।
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विस्तार
बिहार दिवस के आयोजन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। महज 16 साल में इसका बजट 3 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 15 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य सरकार की ओर से हर साल 22 मार्च को आयोजित होने वाला यह समारोह इस बार भी भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। 2010 में बिहार दिवस समारोह की शुरुआत सीमित संसाधनों के साथ हुई थी, लेकिन समय के साथ इसका स्वरूप और बजट दोनों विस्तृत होते गए। शुरुआती वर्षों में जहां आयोजन पर करीब 3 से 5 करोड़ रुपये खर्च होते थे, वहीं 2019 से 2022 के बीच यह आंकड़ा 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2023 से 2025 के बीच बजट 12 करोड़ रुपये रहा और वर्ष 2026 में इसे बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है।
अलग-अलग थीम से खास संदेश देने की कोशिश
अधिकारियों की मानें तो बिहार दिवस का उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को मजबूत करना है। हर वर्ष थीम के जरिए राज्य की प्राथमिकताओं को सामने लाया जाता है। इसमें सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन, युवा सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास जैसे विषय शामिल होते हैं। 2010 से 2015 तक आयोजन का मुख्य फोकस बिहार की पहचान और छवि सुधार पर रहा। 2016 और 2017 में ‘शराबबंदी’ थीम प्रमुख रही, जो राज्य की महत्वपूर्ण नीतियों से जुड़ी थी। 2020 और 2021 में कोविड-19 के कारण आयोजन सीमित रहा, लेकिन डिजिटल माध्यमों की शुरुआत हुई। 2022 से 2024 तक ‘जल-जीवन-हरियाली’ पर जोर दिया गया, जबकि 2023 में युवाओं की भूमिका और रोजगार पर विशेष फोकस रहा। 2025 की थीम ‘उन्नत बिहार, विकसित बिहार’ रही और इस वर्ष 2026 के लिए ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ थीम तय की गई है।
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भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी, तीन दिनों तक भव्य कार्यक्रम
पटना में मुख्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जहां तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। सरकार का लक्ष्य न सिर्फ राज्य की उपलब्धियों को प्रदर्शित करना है, बल्कि निवेश, पर्यटन और युवाओं के लिए नए अवसरों को भी बढ़ावा देना है।